चंपावत गांधी तिराहे के बाहर फैला कूड़ा। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिला मुख्यालय का शहरी क्षेत्र कूड़े से पट गया है। वेतन, प्रोत्साहन राशि, पीएफ भुगतान सहित कई मांगों को लेकर देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन के बैनर तले 11 दिसंबर से हड़ताल कर रहे पर्यावरण मित्रों की सुध नहीं लिए जाने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। अब तक जगह-जगह करीब 16 टन कूड़ा एकत्र होने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। कई जगह तो कूड़ा के सड़ने से दुर्गंध से लोग परेशान है। इससे बीमारी फैलने की आशंका है। लोगों और व्यापारियों का कहना है कि ऐसी गंदगी में यहां कौन आना चाहेगा।
शहर में पांच से अधिक स्थान पर कूड़े का अंबार होने से लोगों को दुश्वारी हो रही है। पर्यावरण मित्रों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को विधायक से मुलाकात कर समाधान का आग्रह किया। विधायक कैलाश गहतोड़ी ने मामले के हल के लिए जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया। वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय चौधरी के नेतृत्व में व्यापारियों ने ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी से भेंट कर गंदगी के निस्तारण करने की व्यापारियों ने मांग की। कहा कि गंदगी से लोग परेशान हैं, लेकिन पालिका मूक दर्शक बनी है। व्यापारियों ने ऐसे हालात में भविष्य में अपने स्तर से पर्यावरण मित्र रख सफाई कराने और टैक्स नहीं देने की भी चेतावनी दी। प्रतिनिधिमंडल में महासचिव नवल जोशी, एनडी गड़कोटी, मयूख चौधरी शामिल थे। इससे पूर्व पालिका परिसर में विजय कुमार, सचिन कुमार, राजेश तिवारी, सुभाष कुमार, सीताराम, बीना देवी आदि पर्यावरण मित्रों ने प्रदर्शन किया।
ईओ-चेयरमैन विवाद पड़ रहा भारी
चंपावत। ईओ और चेयरमैन का विवाद लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है। पर्यावरण मित्रों का कहना है कि ईओ के स्तर से वेतन, पीएफ भुगतान और प्रोत्साहन राशि के प्रपत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं लेकिन चेयरमैन की ओर से हरी झंडी नहीं दी गई है। पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा का कहना है कि ईओ भूपेंद्र प्रकाश जोशी के विवादास्पद भूमिका को देखते हुए नगर पालिका बोर्ड प्रस्ताव पारित कर 11 नवंबर को ही कार्यमुक्त कर चुका है। इसकी जानकारी प्रशासन और शासन को भी दी जा चुकी है। दूसरी तरफ ईओ का कहना है कि बोर्ड को उन्हें हटाने का अधिकार नहीं है। बहरहाल इस विवाद की मार पर्यावरण मित्रों और शहर के लोगों पर पड़ रही है।