चंपावत। जिला मुख्यालय के सरकारी पुस्तकालय में अब युवाओं को पढ़ाई के लिए शुल्क देना होगा। पंजीकरण शुल्क के तौर पर 500 रुपये निर्धारित किया गया है। बिना सदस्यता कार्ड के पुस्तकालय में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
एक मात्र सरकारी पुस्तकालय होने के कारण पढ़ाई के लिए यहां युवाओं की भीड़ अधिक रहती है। ऐसे में कई बार युवाओं में सीट के लिए मारामारी और तनाव की स्थिति बन जाती थी। ऐसे में भीड़ पर नियंत्रण और शांति बनाए रखने के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये किया गया है। पूर्व में पंजीकरण शुल्क 20 रुपये लेकर युवाओं के कार्ड बनाए जाते थे। ऐसे में कई बार वे लोग भी पुस्तकालय में आ जाते थे जिन्हें पढ़ाई से ज्यादा मतलब नहीं होता था।
प्रभारी पुस्तकालय अध्यक्ष शिवम वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पूर्व युवाओं में कहासुनी के बाद आपस में झगड़ा हो गया था। ऐसे में पुस्तकालय में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसे देखते हुए नियम को सख्त करते हुए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्ड धारकों को ही पुस्तकालय में प्रवेश करने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सदस्यता शुल्क को बढ़ाने से यह लाभ होगा कि जरूरतमंद विद्यार्थी ही पुस्तकालय में पढ़ने के लिए आएंगे।
वर्मा ने बताया कि सदस्यता शुल्क की अवधि एक वर्ष और अधिकतम सीमा सदस्य की इच्छा पर निर्भर रहेगी। सदस्य के स्वैच्छिक अनुरोध के बाद सदस्यता निरस्त की जाएगी और सदस्यता शुल्क राशि सदस्य को लौटा दी जाएगी। वर्तमान में पुस्तकालय में करीब 1400 के युवा पढ़ाई करते हैं। 24 घंटे पुस्तकालय का संचालन होता है। पुस्तकालय में दो सुरक्षा कर्मी तैनात हैं।