लधिया घाटी के धरसौं गांव में अतिवृष्टि से खतरे की जद में मकान।
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चंपावत/रीठा साहिब। लधिया घाटी के धरसौं गांव में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। यद्यपि भवन तो बच गया, लेकिन दीवार और आंगन के टूटने से मकान को खतरा हो गया है। वहीं इस मकान में रहने वाले दस लोग दूसरी जगह रात काटने को मजबूर हैं।
ग्रामीण रमेश राम ने बताया कि बारिश थमने के बाद हुए भूस्खलन से मकान को भारी नुकसान हुआ है। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई और अब पड़ोस में रात काट रहे हैं। मकान से गुजर रही पेयजल लाइन के टूटने से पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। पैरा लीगल वालंटियर भुवन राम और अन्य ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की कमजोर माली हालत को देखते हुए मदद का प्रशासन से आग्रह किया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्व उपनिरीक्षक चंद्रशेखर पांडेय ने मौका मुआयना कर नुकसान का जायजा लिया है। वहीं धरसौं के राजकीय प्राइमरी स्कूल परिसर के पास मलबा आने से खासा नुकसान हुआ है।
चंपावत जिले में बंद ग्रामीण सड़कें
तलाडी-खटोली, चौड़ापिता-चल्थिया, कालूखांण-मैरोली, गौड़ी-किमतोली, रीठा-बिनवालगांव, सांगो-घिंघारूकोट, तिमलागूंठ-पीपलढींग, पनियां-रीठाखाल, पटनगांव-कजीना, धौन-दियूरी, रीठाखाल-मनटांडे।