जिले में शुक्रवार को भी बरसात का कहर जारी रहा। बरसात से चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग कई घंटों तक अवरुद्ध रहा। धौन के समीप सड़क पर बड़ा पेड़ गिरने से कई घंटे तक यातायात बंद हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बाद में एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने वुडकटर से पेड़ को काटकर यातायात सुचारु कराया। स्वाला, धौन, अमोड़ी के समीप मलबा आने से मार्ग पर दिन भर वाहनों का काफिला रुक - रुक कर चला। बरसात का सिलसिला जारी रहने से नदी नाले उफान पर रहे। प्रशासन की ओर से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों में दो दिनों का अवकाश घोषित किए जाने से स्कूल कालेज बंद रहे।
कहां कितनी हुई बारिश
चंपावत में 77 एमएम,
लोहाघाट में 41 एमएम,
पाटी में 12 एमएम,
बनबसा में 65 एमएम
जनपद में 23 सड़कें बंद हैं
चंपावत। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 23 ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद है। इनमें कजीना-पुनौली, गल्लागांव-देवलमाफी, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, कामाज्यूला-रेघाड़ी-भनार, पनिया-रीठाखाल, ढटीगांव-सिमलटुकरा, सिरतोली-मंगोली, चौमेल-मउ-शील बरियूड़ी, छिलकाछीना-थुवामौनी-सिमलखेत तथा दयारतोली-बाड़बेट्टा, टाक खंदक-करौली, सिप्टी-सिमाड़, गौड़ी-किमतोली, धौन-दियूरी, धौन-सल्ली, मंच-नीड़, बगोटी-डुंगरालेटी, खटोलीमल्ली, हरम-रमैला, मडलक पांडेय-सिलपड़, अमोड़ी-छतकोट, वालिक-गागर तथा रीठा-रमक सड़कें शामिल हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय के अनुसार सभी बंद सड़कों से मलबा, बोल्डर हटाए जा रहे हैं, जल्द ही सभी सड़कों को खोल दिया जाएगा।
एफसीआई गोदाम के पास पुलिया हुई क्षतिग्रस्त
चंपावत। लगातार हो रही बारिश के कारण यहां आरएफसी गोदाम के समीप एक पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। हालांकि पुलिया के आसपास रहने वाले लोगों ने क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत भी तत्काल शुरू कर दी है। लेकिन पुलिया का एक छोर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। इसके अलावा पूल्ड हाउस रोड में भी भूकटाव से सड़क को नुकसान पहुंचा है। बारिश के कारण डिप्टेश्वर मंदिर के समीप एक कार भी खेत में जा गिरी। मल्लिर्काजुन स्कूल में निर्माणाधीन दीवार भी जमींदोज हो गई।
सीमांत के कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क कटा
चंपावत। जिले में बीते तीन दिनों से हो रही बरसात और उसके बाद हो रहे भूस्खलन से सीमांत क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। दूरस्थ रियासीबमनगांव, आमड़ा, मोस्टा, बकोड़ा, बंडा, रायल आदि गांवों का संपर्क मुख्यालय से कटा हुआ है। हालांकि सड़क पर मलबा आने से अवरुद्ध सीमांत क्षेत्र को जोड़ने वाले चंपावत-मंच-तामली मोटर मार्ग को शुक्रवार को खोल दिया गया है। कई स्थानों में गांवों को जोड़ने वाले रास्ते भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। सौराई के पूर्व प्रधान दान सिंह, शेर सिंह महर सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों भूस्खलन से आवासीय मकानों को भी खतरा पहुंचा है।
मौराड़ी में आवासीय मकान की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त
चंपावत। ग्राम पंचायत मौराड़ी के अंर्तगत द्वारलेख में चंद्रमनी जोशी और नित्यानंद जोशी के मकान की सुरक्षा दीवार पहली ही बारिश में ही खतरे की जद में आ गई है। जिससे पूरे मकान को ही खतरा हो गया है तथा पूरे परिवार में दशहत का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से नुकसान की भरपाई की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने पड़ोसी के यहां शरण ली है।