रक्षाबंधन पर्व पर आयोजित होने वाले मां वाराही धाम देवीधुरा बगवाल मेले में ड्यूटी के दौरान छत से गिरकर घायल हुए पुलिस जवान ने हल्द्वानी में इलाज के दौरान दम तोड दिया है। पुलिस जवान की मौत की खबर मिलते ही पुलिस परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
एसपी अजय गणपति ने बताया कि जिले में तैनात आरक्षी गोकुल लाल (41) निवासी ग्राम लमगड़ा तहसील अल्मोड़ा ऊधमसिंह नगर से स्थानांतरण पर चंपावत आए थे। नौ अगस्त को ड्यूटी के दौरान चोट लगने के कारण हल्द्वानी के एक अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 10 अगस्त को उनका निधन हो गया। वह अप्रैल 2006 में आरक्षी के पद में भर्ती हुए थे। एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग में गोकुल लाल का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
बता दें कि आरक्षी गोकुल लाल बगवाल मेले के दौरान मंदिर परिसर के पास दोमंजिले भवन पर भीड़ को नियंत्रित करने की ड्यूटी कर रहे थे। छत से सरिया को पकड़कर दूसरी तरफ जाने के दौरान सरिया मुड़ने से वह नीचे गिर गए थे। इस घटना में उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। सरकारी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हल्द्वानी रेफर किया गया था। गोकुल की पत्नी भी पुलिस में तैनात हैं। उनका परिवार रुद्रपुर में रहता है। जवान के निधन पर एसपी के अलावा डीएम मनीष कुमार, सीओ चंपावत शिवराज सिंह राणा, टनकपुर वंदना वर्मा, आरआई भगवत सिंह राणा, कोतवाल पीएस बिष्ट, दीवान सिंह जलाल आदि ने शोक जताया है।
शोक में तीन दिन तक नहीं होंगे देवीधुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रम
देवीधुरा में बगवाल मेले के दौरान घायल आरक्षी गोकुल लाल का इलाज के दौरान निधन होने से क्षेत्र में शोक है। आरक्षी के निधन के चलते तीन दिन तक मेले में कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। मंदिर कमेटी के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया के निर्देश पर चार खामों और सात थोक के लोगों ने यह निर्णय लिया है। आरक्षी गोकुल लाल के निधन पर मां वाराही मंदिर कमेटी, चार खामों और सात थोक के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मंदिर कमेटी संरक्षक लक्ष्मण सिंह, मंदिर कमेटी अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, महामंत्री रोशन सिंह लमगड़िया, पीठाचार्य कीर्ति बल्लभ जोशी आदि ने भी आरक्षी को श्रद्धाजलि दी है।