चंपावत रोडवेज स्टेशन में बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
चंपावत। चंपावत-टनकपुर एनएच पर डेंजर जोन आवाजाही में मुसीबत बना हुआ है। बरसात के मौसम में बार-बार मलबा और बोल्डर आने से मार्ग बाधित हो रहा है। दो दिन पूर्व बंद मार्ग को प्रशासन ने रात को ही खुलवाया लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से रात के समय वाहनों का संचालन बंद रखा।
डेंजर जोन स्वाला में आवाजाही सुचारु बनाए रखने के साथ ही शेष सफाई कार्य भी प्रशासन की ओर से तेजी से किया जा रहा है। एसडीएम अनुराग आर्य शनिवार को मौके पर मौजूद रहे। फंसे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया। डीएम मनीष कुमार ने भी रात के समय मोर्चा संभाला और मौके पर पहुंचे। उन्होंने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित डेंजर जोन पार करवाया। शनिवार को राखी पर्व पर स्वाला के दोनों ओर प्रशासन ने बसों और बोलेरो वाहनों की व्यवस्था की गई। वाहनों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित और समय पर उनके घर पहुंचाया गया। दिनभर अधिकारी, कर्मचारी और मशीनरी पूरी तत्परता से जुटी रही।
डीएम ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शाम छह से सुबह छह बजे तक एनएच पर आवाजाही बंद रहेगी। उन्होंने सभी को सुरक्षित और सहज यात्रा मिल सके। साथ ही, उन्होंने सभी से अपील करते हुए अनावश्यक रात्रि यात्रा से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
बस के लिए तीन घंटे इंतजार
रविवार को जिला मुख्यालय में रोडवेज स्टेशन पर सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। स्वाला में मलबा आने के कारण कई बसें शनिवार को टनकपुर की तरफ लौट गई थीं। ऐसे में बसें नहीं आने से लोगों को दिक्कत हुई। यात्री रमेश ने बताया कि उन्हें परिवार के साथ दिल्ली जाना था लेकिन सुबह 11 बजे आने के बाद भी कोई बसें नहीं मिली। अब पिथौरागढ़ से आने वाली बस का इंतजार है। उन्होंने बताया कि टनकपुर तक भी पहुंच जाएं तो ठीक है। ऐसे ही मनोज भट्ट ने बताया कि राखी के लिए घर आए थे। बस के लिए 12 बजे से इंतजार कर रहे हैं। वह दोपहर करीब दो बजे पिथौरागढ़ से आई बस में सवार होकर लोग रवाना हुए।