चंपावत/लोहाघाट। दैवीय आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और पुनररीक्षण समिति के अध्यक्ष प्रयागदत्त भट्ट का कहना है कि आपदा से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को वित्तीय अधिकार और संसाधन दिए गए हैं। आपदा में किसी की भी गाय बहने पर पटवारी की रिपोर्ट व ग्रामीण के बयान के आधार पर ही मुआवजा दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।
बैठक में उन्होंने दैवीय आपदा से संबंधित कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी ने मूलाकोट में दैवीय आपदा प्रभावितों को राहत देने तथा डीएम दीपेंद्र चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग में कर्मचारियों की तैनाती करने का आग्रह किया। बैठक में एसपी डीएस कुंवर, एसडीएम अशोक जोशी, मनोज पांडेय आदि मौजूद थे।
लोहाघाट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि सीएम द्वारा हालात को देखते हुए राहत राशि में इजाफा लाने के लिए समिति गठित की है। ब्रजेश माहरा, सुरेश ढेक, कविराज मौनी, भुवन चौबे, चेतराम शर्मा, गौतम मेहता, गणेश माहरा, कैलाश खर्कवाल आदि मौजूद थे। अध्यक्ष भट्ट ने कहा कि लोनिवि के पूर्व अधिशासी अभियंता रमेश चंद्रा के लोहाघाट के कार्यकाल की जांच की जाएगी। कहा कि उनके दौर में दैवीय आपदा के कार्यों में दुरुपयोग की शिकायतें मिली है।