टनकपुर। नेपाल सीमा से लगे खर्राटाक के जंगल में शिकारियों की तलाश में वन विभाग की टीम ने खर्राटाक जंगल की खाक छानी लेकिन टीम को अभी शिकारियों के जंगल में डेरा जमाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
कोटकेंद्री के ग्रामीणों को जंगल में हथियारबंद वन्यजीव शिकारियों के दिखाई पड़ने की सूचना के बाद सोमवार को डीएफआ एके गुप्ता के निर्देश पर बूम रेंज के वन कर्मियों की टीम वन रक्षक रणजीत सिंह कोरंगा के नेतृत्व में खर्राटाक के लिए रवाना की गई है। वन क्षेत्राधिकारी बीके महारा ने बताया कि अब तक खर्राटाक और उसके आसपास के जंगल में शिकारियों के होने का पता नहीं चल सका है। विभाग की टीम जंगल में ही डेरा जा कांबिंग में जुटी है। चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज का खर्राटाक जंगल वन्यजीव शिकारियों का गढ़ रहा है। शारदाका जल स्तर घटने पर सीमा पार नेपाल से आने वाले शिकारी इस जंगल में वन्यजीवों के शिकार नेपाल ले जाते हैं। गत वर्ष पुलिस, एसएसबी और वन विभाग की कांबिंग पर शिकारी नेपाल की ओर गए थे, लेकिन उनकी चार बंदूकें बरामद हुई थी।