लोहाघाट। राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में बरेली के शील अस्पताल को सौंपने के बावजूद अभी तक आवासीय कक्ष उपलब्ध नहीं कराए जाने को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। सोमवार को उपजिलाधिकारी परितोष वर्मा ने मौके पर जाकर जांच की। स्थानांतरित होने वाले कर्मियों को मार्च तक आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
शील अस्पताल प्रबंधन की ओर से सिस्टर लक्ष्या और इंद्रेश ने बताया कि अस्पताल परिसर में 42 आवासीय कक्ष हैं। जिनमें से अधिकांश कक्ष अभी तक खाली नहीं हो पाए हैं। इस कारण डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को आवासीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। एसडीएम ने वहां रह रहे कर्मियों को निर्धारित समय में कक्ष खाली करने के निर्देश दिए।
सीएमएस डा. पीडी पंगरिया का कहना था कि चिकित्सालय प्रबंधन को अधिकांश कमरे आवंटित किए जा चुके हैं। जिन कर्मियों के बच्चे पढ़ रहे हैं, वे मार्च के बाद कमरे खाली कर देंगे। मौके में ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया, जो चंपावत स्थानांतरित होने के बाद भी यहां ताला लगाए हुए हैं। मुआयने के दौरान तहसीलदार एचएस रजवार, हेम बहुगुणा, लक्ष्मी दत्त जोशी भी मौजूद थे।