चंपावत/लोहाघाट/पाटी। मंगलवार को आए अंधड़ ने क्षेत्र में कई जगहों पर लोगों को रात अंधेरे में काटने को मजबूर किया। अंधड़ से कई जगह पेड़ गिरने से बिजली की लाइन क्षतिग्रस्त हुई। चंपावत के बनलेख समेत दूरदराज के कई इलाकों के लोग बत्ती गुल होने से रातभर अंधेरे में रहे। पाटी क्षेत्र के लधिया सहित दो दर्जन गांव मंगलवार अपरान्ह एक बजे से अभी तक अंधेरे में डूबे हुए हैं।
मंगलवार शाम को पाटी, खेतीखान, पोखरी, धूनाघाट, ज्योस्यूड़ा, रीठा साहिब, भिंगराडा, मूलाकोट, सहित सभी छोटे बडे़ कस्बों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई थी। 11 केवी की लाइन ज्योस्यूड़ा, पिपलाटी, सकदेना के जंगलों में लाइन टूटने के कारण खराब हो गयी है। क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत के लिए विभागीय टीम जुटी है। जूनियर इंजीनियर बसंत बल्लभ गहतोड़ी ने बताया कि अंधड़ से 33 केवी और 11 केवी लाइन में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर पेड़, टहनियां गिरने से काफी नुकसान पहुंचा है। बताया कि बुधवार देर रात तक अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
पाटी में दस मीटर दूर उड़ी स्कूल की छत
पाटी (चंपावत)। अंधड़ ने पाटी कन्या हाईस्कूल की छत उड़ा दी। मंगलवार को आए अंधड़ से दसवीं की कक्षा भवन की छत को करीब दस मीटर दूर उखाड़ फेंक दिया। प्रभारी प्रधानाध्यापिका निधि पनेरू ने बताया कि मंगलवार को स्कूल बंद होने के वक्त छत उखड़ने की वजह से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। छत उड़ने से दसवीं की छात्राओं को बाहर खुले में पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इधर मंगल के भोखड़ा तोक के कृष्ण राम पुत्र पन राम की मकान की छत उड़ गई। जिसके चलते उसकी पत्नी और तीन बच्चे बाल बाल बच गए। गरीब परिवार के कृष्ण ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाया था। मकान की छत उड़ने से परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। ग्राम प्रधान मीना गोस्वामी, बीडीसी सदस्य माया बिष्ट, पूर्व बीईओ त्रिलोक राम आर्य, गंगा राम, कुंदन सिंह आदि लोगों ने पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने का आग्रह किया है।
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ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
चंपावत। मंगलवार शाम को हुई बारिश, ओलावृष्टि व अंधड़ से चंपावत के नजदीक के कालूखाड़, मैरोली, दिखोलज, अमकड़िया, स्वांला, धौन सहित कई गांवों में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इन गांवों में गोभी, संतरा, माल्टा, नींबू, आम, लीची को नुकसान पहुंचा है।
ओलावृष्टि से अमरनाथ पंगरिया, नारायण भट्ट, शीशराम शर्मा, सतीश शर्मा, किशोर सिंह, सुरेश सिंह आदि की टमाटर, गोबी, संतरा ,माल्टा, नीबू की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्य बसंती देवी ने विभाग को नुकसान की सूचना दे दी है। किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। दूसरी तरफ मंगलवार शाम को चंपावत में 13 मिलीमीटर, लोहाघाट में चार, पाटी में 12 और बनबसा में एक एमएम बारिश हुई। बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं पेयजल योजनाओं के स्रोत भी रिचार्ज होने से जल संस्थान ने राहत की सांस ली है।
बारिश से बुझी जंगल की आग
पाटी क्षेत्र में मंगलवार शाम को हुई भारी बारिश से जंगल की आग पर काबू पा लिया गया। इससे वन कर्मियों ने भी राहत की सांस ली है। बटुलिया, जोगा बसान, कनवाड़ बैंड, पारस, गरसाड़ी, रीठा, सेरा, बिस्सा बिगराकोट, झलकपुर आदि जगहों पर लगी आग मंगलवार को हुई बारिश से बुझ गई।