चंपावत। उम्र 86 साल...चेहरे पर झुर्रियां...कमजोर काया...इसके बावजूद कोरोना के खिलाफ जारी जंग में अपना तन, मन और धन झोंकने की ख्वाहिश। ये हैं लोहाघाट निवासी रिटायर्ड ग्राम विकास अधिकारी और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पदमा दत्त पुनेठा। जो लॉक डाउन के दौरान बढ़ चढ़कर जरूरतमंदों की आर्थिक मदद कर रहे हैं। अब उन्होंने एक ऐसी पेशकश कर दी है, जो सबके लिए नजीर है। वह कोरोना वायरस से निपटने के लिए बनाई जा रही वैक्सीन के ट्रायल के लिए अपना शरीर दान करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को खत भेजा है।
लोहाघाट के रिटायर्ड ग्राम विकास अधिकारी और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पदमा दत्त पुनेठा के चेहरे की झुर्रिया उनकी शारीरिक सीमाओं को दर्शाती है, लेकिन कोरोना के खिलाफ जारी जंग में उनका तन भले ही साथ न दे रहा हो, पर वह अब तक मन व धन से इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी कर रहे हैं। शुक्रवार को इस बुजुर्ग ने कोरोना की दवा के लिए होने वाले किसी भी तरह के ट्रायल के लिए अपने शरीर को दान करने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसके लिए सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कराने का भी आग्रह किया है।
:: इनसेट:: राज्य आंदोलनकारी पांडेय ने दी एक साल की पेंशन राशि :: चंपावत। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी एडवोकेट शंकर दत्त पांडेय ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक साल की पेंशन राशि को दान किया है। 3100 रुपये मासिक पेंशन के हिसाब से 12 माह की ये राशि 37200 रुपये होगी। इस साल अप्रैल से मार्च 2021 तक की पेंशन राशि राहत कोष में देने का पत्र कोषागार व डीएम को दिया गया है।
लोहाघाट के बुजुर्ग राज्य आंदोलनकारी पदमादत्त पुनेठा।
- फोटो : AMAR UJALA
लोहाघाट के बुजुर्ग राज्य आंदोलनकारी पदमादत्त पुनेठा।