चंपावत। दुग्ध उत्पादन में चंपावत जिला कुमाऊं मंडल के छह जिलों में सबसे आगे पहुंच गया है। जिले की 192 डेरियों से प्रतिमाह एक करोड़ रुपये से अधिक का दूध बेचा जा रहा है। जिले में प्रतिवर्ष दूध उत्पादन में वृद्धि हो रही है। पांच साल की भीतर दो हजार लीटर से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। जिले में चारों ब्लॉकों में चंपावत में सबसे अधिक दूध उत्पादन किया जा रहा है। चंपावत में 8000 लीटर, लोहाघाट में 4800, पाटी में 1300 और बाराकोट में 600 लीटर दुध प्रतिदिन एकत्र किया जा रहा है। 192 डेयरियों में 8766 सदस्य प्रतिदिन 4361 लीटर दूध बेच रहे है। समितियों से दूध एकत्र कर जिला मुख्यालय में डेयरी में पहुंचाकर टैंकर के माध्यम से बाहरी जिलों को भेजा जाता है।
विकासखंडों में बनाई गई हैं समितियां
दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ ने जिले में 192 समितियां बनाई हैं। इसमें चंपावत विकासखंड में 78, लोहाघाट 71, पाटी में 16 और बाराकोट में 27 समितियों से प्रतिदिन दूध एकत्र किया जा रहा है।
कुमाऊं मंडल के जिलों में दुग्ध उत्पादन की स्थिति
जिले उत्पादन लीटर में
चंपावत 13286
नैनीताल 9886
अल्मोड़ा 9521
ऊधमसिंह नगर 9415
पिथौरागढ़ 5854
बागेश्वर 684
दुग्ध उत्पादन में चंपावत जिला कुमाऊं मंडल के जिलों से सबसे आगे है। प्रतिमाह काश्तकारों के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक का दूध बेचा जाता है। वर्तमान में जिले में 8766 सदस्य डेरियों से जुड़े हुए है।
राजेश मेहता, प्रबंधक, दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ।