चंपावत। जिले की ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल योजनाएं बजट के अभाव में अटकी पड़ी हैं। जल निगम द्वारा दो साल पहले शुरू किया गया 27 पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य समय पर एकमुश्त बजट नहीं मिलने के कारण पूरा नहीं हो पाया है। काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को बजट का इंतजार है।
कार्यदायी संस्था जल निगम ने 2016 में पेयजल योजनाओं के निर्माण के लिए जिला योजना में 3555.53 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें अबतक 1581.40 लाख रुपये की ही धनराशि मिल पाई है। इसमें से चंपावत में 13, लोहाघाट में आठ, पाटी में छह योजनाओं का चयन किया था। कार्यदायी संस्था ने चांदपुर छतकोट, डुंगरा सेेठी, सीम, बस्तिया गूंठ, कफल्टा, मंगलपुर, न्याड़ी धुरचुम, ऐडी गुरौली, डांडा मल्ला, कमैला, मटेला, पुल्ला बाजार, कोली ढेक, बलाना, सुर्दरका, बांकू, कुंडी माहरा, खूना मलक, बेटा छंदा, च्यूरानी, धरौंज, वारसी, पुनौली, सिब्योली, कुलियाल गांव, धरसौं, मनिहार सैलानी, गोत्यूराज योजनाओं में काम शुरू किया था, जो अभी पूरा नहीं हो सका है। संस्था को बजट का इंतजार है।
बजट के अभाव में कई पेयजल योजनाओं रुकी हुई है। जिला योजना से बजट मिलते ही योजनाओं में निर्माण कार्य तेजी से किया जाएगा। बजट की मांग की गई हैं।
- महेंद्र मनराल, सहायक अभियंता, जल निगम।