चंपावत। धौन रोड (स्वांला) से बड़ोली तक की सड़क को मझेड़ा से न ले जाने के पीछे तकनीकी अड़चन को वजह बताया जा रहा है। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को इस मामले में जांच रिपोर्ट भी सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट में मझेड़ा के लिए अलग से सड़क बनाने का सुझाव दिया गया है।
4.42 करोड़ रुपये लागत से बनने वाली 6.55 किमी सड़क के निर्माण को लेकर मझेड़ा और बड़ोली गांव में लंबे समय से विवाद है। सड़क स्वांला से बड़ोली तक बनाई जा रही है और मझेड़ा गंाव के लोगों का कहना है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया लेकर सड़क गांव से होकर नहीं जा रही है। मझेड़ा गांव के एक व्यक्ति ने इसे लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की हुई है। समरेखण विवाद के चलते दोनों गांव के लोग सड़कों पर भी उतर चुके हैं। कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता वैभव गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में जवाब भी दाखिल किया है।
इस मसले पर चंपावत की उप जिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल का गठन भी किया गया था। जांच दल ने जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय को रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट में भी तकनीकी अड़चन के चलते सड़क को मझेड़ा के बजाय स्वांला से बड़ोली ले जाने की बात कही गई है। कहा गया है कि मझेड़ा होते हुए सड़क ले जाने में समरेखण नहीं हो पाएगा। जांच टीम ने मझेड़ा के लिए अलग से सड़क बनाने का सुझाव दिया है। मझेड़ा के सुरेश भट्ट सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआती सर्वे में मझेड़ा को शामिल किया गया था। मझेड़ा वन पंचायत के अलावा यहां के लोगों की जमीन सड़क में कट रही है, लेकिन सड़क का लाभ गांव को नहीं मिल रहा है।