टनकपुर (चंपावत)। जिले के प्रवेशद्वार टनकपुर जीजीआईसी को आदर्श कॉलेज का दर्जा मिला है, लेकिन यहां 989 छात्राओं को पढ़ाने के लिए महज आठ शिक्षिकाएं हैं। प्रवक्ताओं में सात, तो एलटी में 11 पद खाली हैं जिससे बेटियों का भविष्य अधर में हैं। बुधवार को औचक मुआयने में स्कूल पहुंचे सीईओ आरसी पुरोहित विद्यालय का हाल देख दंग रह गए। निदेशक को पत्र भेज उन्होंने विद्यालय की स्थिति सुधारने का आग्रह किया।
सीईओ पुरोहित ने बताया कि स्कूल में अवस्थापना संबंधी ढेरों कमियां हैं। न पर्याप्त कमरें हैं, न फर्नीचर। विज्ञान प्रयोगशाला के हाल भी ठीकठाक नहीं है। कमरों की कमी से अधिक छात्राओं को प्रवेश देना मुमकिन नहीं हो पा रहा है, वहीं शिक्षिकाओं की कमी से कक्षाओं में नए सेक्शन बनाना संभव नहीं है। सीईओ ने कहा कि इसके बावजूद प्रधानाचार्या अनुराधा दुबे शिक्षण व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने का प्रयास कर रही हैं।
सीएसआर से की फर्नीचर की मांग
जिले में फर्नीचर की कमी से जूझ रहे स्कूलों को कुर्सी-मेज उपलब्ध कराने के लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मद से आग्रह किया गया है।
सीईओ ने बताया कि एनएचपीसी और इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा जिले के विद्यालयों को फर्नीचर उपलब्ध कराना था मगर अभी तक ये फर्नीचर नहीं मिल सका है। अलबत्ता पिछले वित्त वर्ष में अन्य संस्थाओं से सीएसआर मद में कुछ स्कूलों को 20 लाख रुपये की मदद से कंप्यूटर, वॉटर प्यूरीफायर आदि मिले हैं।