टनकपुर (चंपावत)। शारदा से खेतखेड़ा गांव की ओर तेजी से हो रहे भू-कटाव के लिए प्रशासन ने शारदा से अवैज्ञानिक तरीके से हुए खनन को कारण बताते हुए वन निगम की खनन इकाई को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उसे नोटिस जारी करते हुए भविष्य में वैज्ञानिक तरीके से खनन सुनिश्चित करने एवं शीघ्र कटाव की रोकथाम के उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल ने शुक्रवार को वन विकास निगम के प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक खनन को यह नोटिस जारी किया। कहा कि खेतखेड़ा की ओर कटाव से साफ है कि शारदा से खनन वैज्ञानिक तरीके से नहीं किया गया है।
उन्होंने भविष्य में खनन कराने को एनएचपीसी बनबसा एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सीमांकन कराने के उपरांत ही वैज्ञानिक तरीके से खनन कराने की हिदायत दी है। नोटिस में प्रभागीय लौगिंग प्रबंधक खनन को खेतखेड़ा में हो रहे भू-कटाव की सुरक्षा के लिए शीघ्र कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
वन निगम को जिम्मेदार ठहराना गलत
मै अभी चिकित्सा के लिए अवकाश पर हूं, मुझे एसडीएम के नोटिस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसा नोटिस जारी हुआ है तो गलत है। क्योंकि खनन के लिए सीमांकन वन निगम नहीं, बल्कि वन विभाग द्वारा किया जाता है। नदी के दोनों छोरों पर 25-25 प्रतिशत क्षेत्रफल को छोड़कर मध्य क्षेत्र के 50 प्रतिशत क्षेत्रफल में ही खनन होता है। खनन बंद होने के बाद वन विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण में संतुष्टि होने पर 31 मई को ही नदी वन विभाग के सुपुर्द कर दी गई है। -हरीश पाल, प्रभागीय लौंगिग प्रबंधक, वन विकास निगम, टनकपुर।