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इस बार गेहूं की खरीद कम होने के आसार

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बनबसा (चंपावत)।
करीब आठ हजार क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष बीते एक पखवाड़े के अंदर बनबसा खरीद केंद्र में डेढ़ हजार क्विंटल गेहूं की खरीद भी नहीं हो पाई है। हालांकि अभी कुछ किसानों का गेहूं खेतों में खड़ा है और कई किसानों ने मड़ाई नहीं की है।
टनकपुर केंद्र में तो अब तक कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा है। ऐसे में इस बार गेहूं की खरीद कम होने के आसार हैं।
बनबसा, टनकपुर में गेहूं खरीद के लिए 23 अप्रैल से खरीद केंद्र स्थापित कर दिए गए थे, लेकिन अब तक क्षेत्र के कम किसान ही खरीद केंद्र में गेहूं लेकर पहुंचे हैं। बनबसा केंद्र प्रभारी डिगर चंद ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में बनबसा केंद्र में 1460.50 क्विंटल की खरीद हुई है। इसमें से 1200 क्विंटल गेहूं आरएफसी टनकपुर को भेजा जा चुका है। साधन सहकारी समिति सचिव दीना नाथ वर्मा ने बताया कि टनकपुर में अब तक एक भी किसान गेहूं बेचने नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि इस बार सरकार ने गेहूं का खरीद मूल्य 1735 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
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बताया जा रहा है कि बनबसा, टनकपुर में सरकारी कर्मियों और नौकरीपेशा लोगों द्वारा वर्ष भर का गेहूं खेतों से खरीद लेने से इस बार गेहूं की खरीद कम होने के आसार बन रहे हैं। राज्य बागवानी पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान पुष्कर कापड़ी सरकारी तोल केंद्र पर कम गेहूं पहुंचने के पीछे ओलावृष्टि और बारिश से उत्पादक घटना कारण बता रहे हैं। भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष जगत सिंह मिताड़ी ने बताया कि अंधड़ के साथ ओलावृष्टि और बारिश ने भी किसान का नुकसान किया है। पूर्व सैनिक किसान कै. हरीश चंद्र कापड़ी ने बताया कि जिन किसानों के पास भूमि के कागज नहीं हैं वह खरीद केंद्र पर अपना गेहूं नहीं बेच पाने के पिछले नियमों के तहत व्यापारियों को 1500 रुपये प्रति क्विंटल में नकद में गेहूं बेच चुके हैं। इससे सरकारी खरीद कम होने की आशंका है, जबकि इस बार गेहूं की खरीद किसान का आधार कार्ड देखकर की जा रही है।
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