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आंतरिक संपर्क मार्गो को रोडवेज बसों का टाटा

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चंपावत। उत्तराखंड परिवहन निगम की एक भी बसें आंतरिक संपर्क मार्ग में नहीं चल रही हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। राज्य बनने से पूर्व उत्तर प्रदेश के दौर में नौ आंतरिक संपर्क मार्गों पर रोडवेज की बस सेवा संचालित होती थी।

चंपावत जिले में रोडवेज के दो डिपो (टनकपुर व लोहाघाट) के अलावा एक क्षेत्रीय कार्यालय टनकपुर में है। इसके बाद भी जिले में परिवहन निगम की हालत कतई ठीक नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुख्य मार्गों को छोड़कर कहीं भी रोडवेज की बस सेवा नहीं चल रही है। उत्तर प्रदेश के दौर में बर्दाखान, पंचेश्वर, पुलहिंडोला, रीठा साहिब, तामली, चौमेल, दिगालीचौड़ और पुनाबे मार्ग पर रोडवेज बस सेवा संचालित होती थी। उत्तराखंड बनने के बाद रीठा साहिब, तामली व पंचेश्वर में कुछ तक यह बस सेवा चलाई गई। लेकिन बाद में इनको बंद कर दिया गया।
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वर्तमान में सभी आंतरिक मार्गों पर रोडवेज की बस सेवाएं बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इन मार्गों पर बस सेवा संचालित करने की लंबे समय से मांग करते रहे हैं। इसके बावजूद भी इनका संचालन नहीं हो पाया है।

कोट
इन संपर्क मार्गों पर चलने वाली रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या बेहद कम रही। इसके चलते यहां संचालित होने वाली बसें भारी घाटे में चल रही थी। इसको देखते हुए इन रूटों पर बस सेवा बंद करनी पड़ी।
केएस राणा, सहायक मंडलीय प्रबंधक, लोहाघाट डिपो।

रोडवेज कार्यशाला में खड़ी हैं 12 बसें
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट डिपो की 42 बसों में से एक दर्जन बसें इस वक्त सड़क से बाहर हैं। टायरों की कमी से 22 दिसंबर से बसें के कार्यशाला में खड़े होने का सिलसिला शुरू हो गया। शुक्रवार तक 12 बसें खड़ी हो चुकी हैं। इससे रोडवेज को अब तक 11.25 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।
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परिवहन निगम के अनुसार मुताबिक काशीपुर में एक भी बस सेवा संचालित नहीं हो रही है। इसके अलावा बरेली, धारचूला व दिल्ली की सेवाएं भी प्रभावित हुई है। बसों में टायरों की कमी के चलते 22 दिसंबर से संचालन पर मार पड़नी शुरू हुई। नए टायर मिलने में हो रही देरी से यात्री टैक्सियों के जरिये सफर करने को मजबूर हैं। इससे अधिक किराया देने के साथ असुविधा भी झेलनी पड़ रही है। रोडवेज के एजीएम केएस राणा का कहना है कि एक सप्ताह के भीतर 30 टायर नहीं मिले, तो कई अन्य बसों खड़ी हो सकती हैं। 15 टायरों की तत्काल आपूर्ति के लिए मंडलीय कार्यालय को पत्र भेजा गया है।
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