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झटका:आधार बनाने को तरसेंगे चंपावत के लोग

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चंपावत। चंपावत जिले के पहाड़ी हिस्से के लोगों को फिलहाल आधार कार्ड बनाने के लिए भारी परेशानी झेलनी होगी। इन दिनों जिले के समूचे पर्वतीय हिस्से में एक भी केंद्र ऐसा नहीं है, जहां आधार कार्ड बने। चंपावत केंद्र में ताला लटकने से आधार बनाने वालों को भारी फजीहत झेलनी पड़ेगी। अब जिले में एकमात्र बनबसा में ही आधार कार्ड बनाने वाला केंद्र है। इस वजह से चंपावत से ही लोगों को आधार बनाने के लिए 86 किलोमीटर की दौड़ लगानी होगी।

सरकार ने तकरीबन हर योजना व सुविधा के लिए आधार जरूरी कर दिया है। आयकर रिटर्न, स्थाई लेखा संख्या (पैन), बैंक खाता, भविष्य निधि खाता, पासपोर्ट, तमाम तरह की पेंशन, छात्रवृत्ति, मोबाइल नंबर, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन, सहकारी समितियों से खाद खरीदने के लिए आधार नंबर से लिंक आवश्यक है। चंपावत जिले में ढाई लाख से अधिक लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं। लेकिन अभी भी 7 हजार से अधिक लोग ऐसे हैं, जिनके आधार बनने हैं या आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, पता आदि में सुधार किया जाना है।
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करीब दो माह पूर्व तक आधार कार्ड जिले के हर कॉमन सर्विस सेंटर में बन रहे थे। लेकिन कुछ केंद्रों से रुपयों वसूले जाने की शिकायत आने के बाद केवल सरकारी भवन में स्थापित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को ही आधार कार्ड बनाने के लिए अर्ह किया गया था। इसके बाद बाराकोट, पाटी व लोहाघाट विकासखंड के आधार बनाने वाले सभी केंद्र बंद हो गए थे। एकमात्र चंपावत जिला पंचायत परिसर में चल रहे आधार केंद्र ही काम कर रहा था। लेकिन 10 नवंबर से चंपावत के इस केंद्र में भी ताला लग गया है।
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सीएससी के जिला समन्वयक कुलदीप भंडारी का कहना है कि चंपावत केंद्र में आधार बनाने वाला कर्मी चंपावत से बाहर है। आधार बनाने वाले कर्मी के सिस्टम से ऑन बोर्ड होने के चलते किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से इस कार्य को नहीं कराया जा सकता है। ऐसे में फिलहाल यहां भी आधार बनने में अड़चन आ गई है। इस वक्त जिले में एकमात्र बनबसा देवभूमि बीएड कॉलेज परिसर में ही आधार बन रहे हैं। इस केंद्र की चंपावत जिले के पाटी से 136 किमी, बाराकोट से 111 किमी, लोहाघाट से 99 किमी व चंपावत से 86 किमी दूरी है।
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