चंपावत। बारिश से पेयजल संकट में आंशिक रूप से गिरावट जरूर आई है, मगर फिर भी बहुतायत जगह टैंकरों से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। वहीं राज्यपाल के निर्देश के बाद चंपावत, लोहाघाट में आठ हैंडपंपों को लगाए जाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने बताया कि इन हैंडपंपों को दो हफ्ते के भीतर लगा लिया जाएगा।
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश में बृहस्पतिवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने हरम-तामली पेयजल लाइन को तोड़ डाला। इस वजह से पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीणों के हल्ले-गुल्ले के बाद जल संस्थान के अधिकारियों ने 53 किलोमीटर दूर मौका मुआयना किया।
बाद में लाइन की तोड़फोड़ को ठीक कराया गया। देर शाम तक लाइन ठीक हो सकी। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह लाइन में हुई तोड़फोड़ की वजह से तामली, बचकोट, पोलप, नथूला, कंडोला आदि गांवों की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई।
लोगों को दूरदराज से पानी भरने को मजबूर होना पड़ा है। ग्राम प्रधान दीवान राम, देवेंद्र जोशी, चंचल सिंह, मदन पांडेय, केदार दत्त जोशी, गिरीश सिंह, कुंवर सिंह, महानंद जोशी आदि ने तोड़फोड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर एसएस थापा ने बताया कि तोड़फोड़ की तस्दीक करने के लिए मौका मुआयना किया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
चपावत। लीकेज के चलते हजारों लीटर पेयजल हर रोज बर्बाद हो रहा था। अमर उजाला ने पाइप लाइनों के लीकेज से बर्बाद हो रहा पानी शीर्षक से पांच मई को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद महकमा चेता।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीसी करगेती ने बृहस्पतिवार को मातहतों को तुरंत लीकेज दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जूनियर इंजीनियर एसएस थापा ने बताया कि लीकेजों को ठीक करा दिया गया है। एक तरफ जल संकट से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही थी, वहीं पेयजल की जबर्दस्त कमी के बावजूद पानी को बचाने की अनदेखी की जा रही थी।
नगर के आसपास ही कोतवाली चबूतरे के नजदीक, सैनीगाड़ स्रोत से करीब 150 मीटर दूरी पर, सैनीगाड़ स्रोत की टंकी से निकलने वाले पानी की लाइन के अलावा सैनीगाड़ स्रोत में लीकेज से खूब पानी बर्बाद हो रहा है। जल संस्थान इन लीकेजों को ठीक नहीं कर पाया है। इन लीकेजों से करीब 24 हजार लीटर से अधिक पानी बर्बाद हो रहा था। अलबत्ता अब लीकेज ठीक होने से स्थिति में सुधार हुआ है।