चंपावत। गवर्नमेंट पेंशनर वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों पर केंद्र सरकार की ओर से लिए गए निर्णय के अनुरूप एक जनवरी 2016 से पूर्व के राज्य सरकार के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन संशोधित किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में संगठन की जिला इकाई की ओर से मुख्यमंत्री, वित्त सचिव, कोषागार निदेशक और डीएम को ज्ञापन भेजा है।
मंगलवार को संगठन के जिलाध्यक्ष हयात सिंह तड़ागी और प्रदेश महामंत्री बची सिंह रावत के नेतृत्व में पेंशनरों के एक शिष्टमंडल ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पारिवारिक पेंशन का संशोधन सभी विभागों की ओर से ऑनलाइन व्यवस्था से किया जा रहा है। इसमें कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
कहा गया है कि कतिपय पेंशनरों के पारिवारिक पेंशनर्स के आधार कार्ड और पैन कार्ड नहीं बने हैं, जो बने भी हैं तो वह त्रुटि पूर्ण हैं। इनके संशोधन में काफी समय लग रहा है और ऑनलाइन पेंशन संशोधन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अटल आयुष्मान स्वास्थ्य योजना में उपचार कराने में छूट देने की मांग उठाई गई। पेंशनरों का कहना है कि उन्हें विशेष परिस्थितियों में गंभीर बीमारी के उपचार के लिए चयनित अस्पताल के अतिरिक्त सुविधायुक्त अस्पताल में उपचार सुविधा की छूट दी जाए।
जिससे गंभीर बीमारी का संतोषजनक उपचार करा सकें। इस उपचार की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा उस अस्पताल को भुगतान किया जाए। अटल आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों से हायर सेंटर रेफर किए जाने की जो व्यवस्था है उसे समाप्त किया जाए। ज्ञापन देने वालों में उजालू राम आर्य, टीकाराम टम्टा, प्रताप सिंह आदि पेंशनर शामिल रहे।