चंपावत। सीमावर्ती क्षेत्रीय विकास योजना (बीएडीपी) के जरिए जल संस्थान जिले की पेयजल समस्या को दूर करेगा। संस्थान ने सीमावर्ती क्षेत्र की 10 गांवों की पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए हैं।
इन प्रस्तावों को मंजूरी के लिए भेजा गया है। जल संस्थान ने बीएडीपी के तहत 10 गांवों की पेयजल योजनाओं के लिए 192.36 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा है।
प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने के बाद योजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अधिकांश सीमांत क्षेत्रों में पेयजल लाइन नहीं होने से लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय कर नौले और गधेरों से पानी ढोना पड़ता है। इन दिक्कतों को देखते हुए जल संस्थान ने बीएडीपी में पेयजल योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए।
इन जगहों के प्रस्ताव किए गए हैं तैयार
बिरगोला, पोलम, सिमयाऊरी, मंच, गुरखोली गूंठ, नीड़, कालसन, टनकपुर वार्ड छह, मीना बाजार, भैरवां मंदिर के प्रस्ताव तैयार किए गए है। इन सभी ग्राम पंचायत और वार्ड के प्रस्तावों के स्वीकृत होने के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा।
पेयजल लाइन बिछाने और ठीक करने के लिए बीएडीपी के अंतर्गत 10 गांवों की पेयजल योजनाओं को 192.36 लाख का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही योजनाओं में निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
आरके वर्मा सहायक अभियंता, जल संस्थान चंपावत।