चंपावत। जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने आजीविका से जुड़े विभागों से मौनपालन, फ्लोरीकल्चर, रीठा, तेजपात और लाल धान के अधिक से अधिक उत्पादन के लिए दो-दो काश्तकारों का चयन करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने उद्यान, कृषि, भेषज, जलागम परियोजना के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी केवल काश्तकारों के प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर उनको खेत से लेकर बैंक और बाजार तक सहयोग प्रदान करें।
डीएम ने इच्छुक काश्तकारों को उनकी मांग के अनुसार पावर ट्रिलर, पावरवीडर, उन्नत किस्म के बीज किट समय से उपलब्ध कराने और उन्हें उत्पादित क्षेत्र का रकवा बढ़ाने को प्रोत्साहित करने को कहा।
सभी विभागों को पॉलीहाउसों के चयन में उन्नतशील और खेती पर निर्भर काश्तकारों को प्राथमिकता में रखने, काश्तकारों की आवश्यकता को चिह्नित करने, आलू, अदरक, हल्दी के साथ मूंगफली की खेती के साथ मसाला उद्योग को बढ़ावा देने के लिए काश्तकारों को प्रोत्साहित करने को कहा।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, मुख्य कृषि अधिकारी सुरेंद्र कुमार, परियोजना प्रबंधक जलागम एमएस कुंवर, अर्थ एवं संख्याधिकारी एनबी बचखेती, भेषज समन्वयक राकेश वर्मा आदि मौजूद रहे।