चंपावत। वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर बैंक कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। बृहस्पतिवार को भी चंपावत जिले के बैंकों की 38 शाखाओं में ताले लटके रहे। उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए बैंक में बढ़ते काम के बोझ और महंगाई के मद्देनजर वेतन में 15 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी की मांग की। अलबत्ता हड़ताल से बाहर रहे पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, अल्मोड़ा अर्बन सहकारी बैंक और कूर्मांचल नगर सहकारी बैंक लिमिटेड बैंकों में रोज की तरह कामकाज चलता रहा।
लीड बैंक प्रबंधक आनंद सिंह रावत ने बताया कि बैंकों की 38 शाखाओं के हड़ताल में जाने से दो दिन में 40 से 45 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है। कर्मचारियों-अधिकारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन की रकम उनके खातों में हस्तांतरित नहीं हो सकी। लाखों रुपये के चैक क्लियर नहीं हो सके। वहां कर्मचारी नेता संतोष कुमार, एमसी तिवारी, मनोज तिवारी, अजय कुमार, ललित नैनवाल, देव सिंह, निर्मल भट्ट सहित तमाम बैंक कर्मी शामिल थें। बनबसा में एसबीआई की दो और बॉब की एक शाखा में कामकाज ठप रहने से करीब 25 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
टनकपुर में दूसरे दिन भी बैंकों में ताले लटके होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक बंद और एटीएम में रुपये न होने से लोग इधर-उधर भटकते रहे। स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, द नैनीताल बैंक, ओरियंटल आदि बैंकों के गेटों पर ताले लटके रहे।
एटीएम ने भी मायूस किया
मई में आखिर के दो दिनों की बैंक हड़ताल से उपभोक्ता तो परेशान रहे ही, ज्यादातर एटीएम के भी खाली होने से लोगों को परेशानी हुई। चंपावत, लोहाघाट क्षेत्र में दो एटीएम को छोड़ अधिकतर में नकदी नहीं थी। इसके अलावा छोटे नोटों की वजह से भी एटीएम में रकम नहीं डाली जा सकी।