टनकपुर (चंपावत)। कर्मचारी हितों से जुड़ी नौ सूत्री मांगों को लेकर उत्तराखंड चतुर्थ राज्य कर्मचारी महासंघ एक जून को हरिद्वार में होने वाली बैठक में आंदोलन की रणनीति तय करेगा। 27 मई को देहरादून में हुई बैठक में प्रतिभाग कर लौटे कर्मचारी नेताओं ने यहां बैठक कर कर्मचारियों का यह जानकारी दी।
जिलाध्यक्ष ईश्वरी दत्त गहतोड़ी, महामंत्री केएस बिष्ट ने बताया कि देहरादून में हुई बैठक में नौ सूत्री मांगों पर मंथन किया गया। तय हुआ है कि एक जून को फिर हरिद्वार में संगठन की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की भावी रणनीति तय की जाएगी। बता दें कि चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ ने समूह घ कर्मचारियों की सीधी भर्ती पर लगी रोक हटाने, चतुर्थ श्रेणी पदों पर संविदा, आउटसोर्स से नियुक्ति बंद करने, संविदा एवं आउटसोर्स से लगे कर्मचारियों का पारिश्रमिक का भुगतान निजी कंपनी और ठेकेदार से न कराकर सीधे विभाग द्वारा करने, सातवें वेतन आयोग द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम वेतन 1800 से बढ़ाकर 2600 किए जाने, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज, संविदा से विनियमित कर्मचारियों को पूर्व की सेवा जोड़कर पेंशन, ग्रेज्यूटी आदि का लाभ देने, पुरानी पेंशन नीति लागू करने, केंद्रीय एवं राज्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आयकर के दायरे से मुक्त रखने, आशा, संगिनी, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील रसोइयों, ग्राम रक्षक चौकीदार, पीआरडी को न्यूनतम 18 हजार मानदेय देने, नियमित कर राज्य कर्मचारी घोषित करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति राज्य चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को भत्ते अनुमन्य करने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आउटसोर्स, संविदा, नियमित वेतन, दैनिक वेतन, मानदेय कर्मियों को समान कार्य समान वेतन देने की मांग उठाई है। जिलाध्यक्ष गहतोड़ी ने कहा कि समस्त चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को एकजुटता के साथ भावी आंदोलन को सफल बनाना होगा।