चंपावत/लोहाघाट।
एटीएम और बैंकों में नकदी की कमी से लोग बेहाल हैं। चंपावत सहित पर्वतीय क्षेत्र के 30 से अधिक एटीएम खाली होने से लोग मायूस होकर लौट रहे हैं। बैंकों से भी लोगों को दो हजार से 20 हजार रुपये तक ही नकद मिल पा रहे हैं। एसबीआई द्वारा शुक्रवार को सामान्य उपभोक्ताओं को पांच हजार रुपये का भुगतान किया गया। जबकि शादी-ब्याह वाले लोगों को एक से डेढ़ लाख रुपये तक दिए गए। इन परिस्थितियों के बीच एसबीआई लोहाघाट द्वारा एक दिव्यांग की शारीरिक हालत को देखते हुए उसकी मांग के अनुरूप पूरी रकम दी गई।
दूरदराज क्षेत्रों से लेन देन के लिए आने वाले लोगों को बैंकों से कम रकम मिलने और एटीएम खाली होने के कारण मायूस लौटना पड़ा। चंपावत और पिथौरागढ़ जिले की सीमा पंचेश्वर के रौतगड़ा से आए दिव्यांग भूरा चंद की स्थिति को देखते हुए बैंक ने उनकी मांग के अनुरूप 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया। दोनों पांव व हाथ से दिव्यांग भूरा का कहना है कि उनके ऊपर लोगों की देनदारी होने के कारण वह बड़ी मुश्किल से बैंक तक आए थे। बैंक ने अपनी समस्या को गंभीरता से लिया।
एसबीआई की लोहाघाट के शाखा प्रबंधक नरेंद्र कुमार का कहना है कि कैश चेस्ट से मांग के अनुरूप काफी कम रकम मिलने से मुश्किलें बढ़ रही है। अलबत्ता बैंक में मौजूद कैश के हिसाब से ग्राहकों को नकदी दी जा रही है। जबकि अन्य बैंकों में भी नकदी की कमी के कारण उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
भारतीय रिजर्व बैंक को नकदी के लिए पत्र व अनुस्मरण पत्र भेजा गया है। साथ ही दूसरे जिलों से भी धन मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मांग के अनुरूप नकदी नहीं होने से दिक्कतें हो रही है।
आनंद सिंह रावत, लीड बैंक प्रबंधक, चंपावत।