लोहाघाट (चंपावत)। एक ओर जहां पाटी में खड़ी और बैठकी होली की धूम मची हुई हैं, दूसरी ओर प्रमुख रंगकर्मी और शिक्षक रबीश पचौली द्वारा यहां के गांवों में जाकर लोगों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है।
पचौली स्वरचित कविताओं के जरिये लोगों को बेटी बचाने और उन्हें पढ़ाने के अलावा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके द्वारा मन में करो विचार लोगो, बिन बेटी जग सूना है, कोख में बेटी, भूमि में पानी, दोनों में आज संकट, लोगो बिन बेटी जग सूना है जैसे गीतों को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
साफ-सफाई को लेकर भी वह अपने ही अंदाज में लोगों को जगा रहे हैं। स्वच्छता के लिए मिलजुल के करें सब साफ अपनी बस्ती को, वृक्ष लगाकर पानी बचायें, रोगों से पायें निजात आदि गीत प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। शिक्षक पचौली की कविताओं को ग्रामीणों द्वारा काफी सराहा जा रह है। श्री पचौली ने रामायण, महाभारत, पुराणों आदि पर आधारित कई प्रेरणाप्रद होलियों की रचनाएं भी की है।