चंपावत। नगरपालिका की ओर से विभिन्न वार्डों में बजट खपाने के लिए स्ट्रीट लाइटें तो लगा दी गई हैं लेकिन इनकी देखभाल नहीं हो पा रही है। इस कारण लाखों रुपये में खरीदी गई कई स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रही हैं।
नगरपालिका के छतार वार्ड में एक माह से अधिक समय से स्ट्रीट लाइटें महज शोपीस बनी है। इस कारण वार्ड के नागरिकों में रोष व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि नगरपालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के अलावा वार्ड सभासद को सूचना दिलाने के बाद भी खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इस कारण वार्ड के नागरिकों को बरसात के मौसम में रात्रि में स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं मिल पा रही है। स्थानीय नागरिक सतीश जोशी, मोहन सिंह, नन्हें लाल आदि का कहना है कि कई बार पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को सूचित करने के बाद भी केवल एक, दो पोलों की लाइट ठीक करने की औपचारिकता पूरी कर ली गई है। नागरिकों ने जल्द स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त न करने की सूरत में पालिका कार्यालय में प्रदर्शन करने, घेराव करने की चेतावनी दी है।
सीएफएल के स्थान पर सोडियम लाइटों का हो रहा प्रयोग
चंपावत। एक ओर जहां ऊर्जा बचाने के लिए देश और राज्य स्तर पर साधारण बल्बों के स्थान पर सीएफएल बल्ब लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। वहीं नगरपालिका की ओर से स्ट्रीट लाइटों में सोडियम लाइटों का प्रयोग कर बिजली की खपत में इजाफा किया जा रहा है। सोडियम लाइट सामान्य सीएफएल की तुलना में 80 गुना से अधिक की बिजली खपत करती हैं लेकिन नगरपालिका के अधिकारी इस तथ्य से अंजान हैं।