चंपावत।
बरसात के मौसम के बावजूद जिले के सूखीढांग कस्बे में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। यहां के ग्रामीण एकमात्र हैंडपंप के सहारे और प्राकृतिक जल स्रोतों तथा बरसाती पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार एक सप्ताह पूर्व पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को सूचित किए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। जिससे नाराज लोगों ने जल संस्थान के डिवीजन कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारी समस्या दूर करने के बजाए फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
बृजनगर, सूखीढांग, बमनजौल, सिलाड़, आमखर्क, कटुजापानी गांवों के अलावा बृजनगर और सूखीढांग प्रमुख यात्री पड़ाव हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहन रुकते हैं। वाहनों के यात्रियों को भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह राणा, श्याम दत्त जोशी, कृष्णानंद, मोहन चंद्र, शंकर जोशी, योगेश बिष्ट, नाथ सिंह, महेश चंद्र, मनोज कुमार आदि ने जल्द पेयजल योजना की मरम्मत न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।