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उतर भारत का सुप्रसिद्व पूर्णागिरि मेला संपन्न

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टनकपुर (चंपावत)।
उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम का मेला शनिवार को विधिवत संपन्न हो गया। ठुलीगाड़ बेस कैंप में मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने अगले साल और बेहतर व्यवस्थाएं मुहैया कराने के संकल्प के साथ मेले के समापन की घोषणा की। इस मौके पर मेले के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, संस्था एवं संगठनों के लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

ठुलीगाड़ बेस कैंप कार्यालय में मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम ने कहा कि मां का यह दरबार उत्तर भारत ही नहीं समूचे देश में प्रसिद्ध है। यही वजह है कि इस बार 103 दिनों तक चले मेले में 27 लाख 55 हजार 600 से ज्यादा श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगले सात तक रोप-वे और लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण होने पर आस्था के इस केंद्र में श्रद्धालुओं के साथ ही पर्यटकों का भी ग्राफ बढ़ेगा। मंदिर समिति अध्यक्ष ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग के लिए प्रशासन, अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्था-संगठनों के लोगों का आभार जताया। संचालन टैक्सी यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने किया। इस दौरान आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डा. जेबी चंद, जिला पंचायत के एई नंदकिशोर उप्रेती, विजय उप्रेती, जलसंस्थान के जेई बीएस कुवार्बी, विद्युत विभाग के जेई परमिंदर सिंह, मंदिर समिति सचिव गिरीश पांडेय, जनार्दन पांडेय, रमेश तिवारी, जमुना दत्त पांडेय, कैलाश पांडेय, नीरज पांडेय आदि मौजूद थे।
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रात आठ बजे बाद मां पूर्णागिरि दर्शन पर रोक
टनकपुर। मेला समापन के बाद जहां धाम क्षेत्र से सभी सरकारी सुविधाएं हटा ली गई हैं, वहीं प्रशासन और मंदिर समिति ने 25 जून यानि रविवार से रात आठ बजे बाद दर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि बरसात में पहाड़ पर भूस्खलन एवं आपदा के खतरे को देखते हुए मां पूर्णागिरि के दर्शन पर रात आठ बजे बाद रोक लगा दी गई है। प्रतिबंधित समय पर काली मंदिर गेट को बंद कर दिया जाएगा।
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