फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आयुष्मान पर पैकेज:चंपावत जिले में 604 लोग ले चुके योजना का लाभ

विज्ञापन
विज्ञापन
सीमांत जिलों की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी अभी आयुष्मान कार्ड से वंचित है। दोनों जिलों में आलम यह है कि चंपावत में जहां 27.89 प्रतिशत लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, वहीं पिथौरागढ़ में आयुष्मान कार्ड धारकों का प्रतिशत 29.65 है। हालांकि आयुष्मान कार्ड से वंचित आबादी में बड़ी संख्या संर्विस क्लास और पेंशनर की है। इन्हें इस सुविधा का लाभ मिलेगा कि नहीं, यह मामला शासन में लंबित है। वहीं अधिकारियों के हिसाब से 70 फीसदी लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। सीमांत जिलों के 1079 मरीज अब तक आयुष्मान सुविधा का लाभ लेकर अपना इलाज करवा चुके हैं। मालूम हो कि निर्धन और कमजोर वर्ग को मुफ्त में स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए सितंबर 2018 से शुरू केंद्र सरकार की योजना को उत्तराखंड सरकार ने कुछ सुधारों के साथ लागू किया था।
विज्ञापन

चंपावत में 604 लोगों का आयुष्मान योजना में हुआ इलाज
चंपावत। निर्धन और कमजोर वर्ग को मुफ्त में स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए सितंबर 2018 से शुरू केंद्र की आयुष्मान योजना में 8343 लोगों को गोल्डन कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से 43 लोग लाभ भी ले चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश की अटल आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना से चंपावत जिले में अब तक 561 लोग इलाज करा चुके हैं।
आयुष्मान योजना के तहत चयनित परिवारों को बिना प्रीमियम जमा कराए एक साल में पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा। 2,59,648 की आबादी वाले चंपावत जिले में अभी 72,423 लोगों को ही गोल्डन कार्ड बांटे जा सके हैं। सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना (एसईसीसी) सर्वेक्षण 2011 के आधार पर केंद्र की आयुष्मान योजना के लिए 12,854 परिवार (10,844 ग्रामीण और 2010 शहरी) पात्र थे, लेकिन सत्यापन के बाद चिह्नित परिवारों की संख्या 9829 (ग्रामीण क्षेत्र में 8395 और शहरी क्षेत्र में 1434) पाई गई।
विज्ञापन

सिर्फ तीन सरकारी अस्पताल योजना में शामिल
चंपावत जिले में आयुष्मान बीमा योजना का लाभ सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही मिल रहा है। चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और टनकपुर का संयुक्त अस्पताल ही इस श्रेणी में आ रहे हैं। फिलहाल कोई भी निजी अस्पताल अभी इस दायरे में नहीं है। हालांकि लोहाघाट का बीएनके अस्पताल ने योजना के अंतर्गत शामिल होने के लिए आवेदन किया है।
आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के समन्वयक मनोज पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के तहत 8,343 गोल्डन कार्ड वितरित हो चुके हैं। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से संचालित अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत 64,080 लोगों को गोल्डन कार्ड दिए जा चुके हैं। जिले के पांच स्थानों पर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। कुछ अस्पतालों ने आयुष्मान योजना में शामिल होने के लिए आवेदन किया है, सुविधाओं के सत्यापन के बाद इन्हें जल्द ही शामिल कर लिया जाएगा।
पिथौरागढ़ : 475 रोगियों का आयुष्मान कार्ड से हुआ इलाज
पिथौरागढ़। सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने के लिए सीमांत जिले में अब तक 1,45,328 आयुष्मान कार्ड बने हैं। कार्ड बनाने के लिए आठों विकासखंडों में 152 कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उषा गुंज्याल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड से उत्तराखंड से बाहर 20 मरीजों ने अपना इलाज कराया हैं। इसके अलावा प्रदेश के निजी अस्पतालों में 455 मरीजों ने इलाज कराया है। 23 सितंबर 2018 को योजना शुरू होने के बाद से अब तक 2050 मरीजों ने योजना का लाभ लेकर इलाज कराया है।
ऐसे बनेंगे आयुष्मान योजना के कार्ड
कार्ड बनवाने के लिए आधार और राशन कार्ड लेकर कॉमन सर्विस सेंटर जाना होगा। केंद्र में आधार कार्ड के बेस पर उसका अंगूठा लगाया जाएगा। कार्ड बनाने के लिए व्यक्ति को उत्तराखंड का मूल निवासी होना चाहिए। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद मरीज का पांच लाख रुपये का निशुल्क इलाज हो सकेगा।
आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के समन्वयक प्रकाश उनियाल ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से उत्तराखंड से बाहर 20 मरीजों ने अपना इलाज कराया हैं। इसके अलावा प्रदेश के निजी अस्पतालों में 455 मरीजों ने इलाज कराया हैं। जिले में छह अस्पताल कार्ड के पैनल में रखे गए हैं। इनमें से जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धारचूला, मुनस्यारी, गंगोलीहाट, डीडीहाट शामिल हैं। जिले में कोई भी निजी अस्पताल कार्ड के पैनल में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें