चंपावत। सितंबर 1997 में सृजित चंपावत जिले में 21 साल बाद आखिरकार ब्लड बैंक अस्तित्व में आ ही गया। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय और भाजपा जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी ने सोमवार को ब्लड बैंक का शुभारंभ किया। कहा कि इसके शुरू होने से खून के अभाव में होने वाली मौतों पर लगाम लग सकेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी खंडूरी, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके जोशी और पैथॉलॉजिस्ट डॉ. सुषमा नेगी ने रक्तदान की जरूरत और इसके महत्व की जानकारी दी। इस मौके पर अस्पताल स्टाफ सहित तमाम नागरिक मौजूद थे।
जिला अस्पताल परिसर में 2012 में ब्लड बैंक भवन बनकर तैयार हो गया था लेकिन लाइसेंस नहीं मिलने से यह शुरू नहीं हो सका था। चंपावत के सीएमओ रहे नेको के मौजूद नोडल अधिकारी डॉ. विनोद टोलिया और सीएमएस की प्रभावी पैरवी से लाइसेंस मिलने के बाद अब यह शुरू हो सका।
गौरतलब है कि क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्मला नरियाल, दीपा पांडेय सहित बीते पांच सालों में 61 मौतें वक्त पर खून नहीं मिलने से हो चुकी हैं। अलबत्ता अब ब्लड बैंक शुरू होने से जरूरत पड़ने पर खून की उपलब्धता रहेगी।