टनकपुर (चंपावत)। भारत-नेपाल सीसी मार्ग निर्माण के साथ ही 1991 की संधि के तहत नेपाल को सिंचाई के लिए टनकपुर बैराज से चैनल निर्माण की कवायद भी चल रही है। शनिवार को एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल एवं एनएचपीसी के महाप्रबंधक रईस मियां ने एनएचपीसी, वन एवं खनन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर चैनल निर्माण की कार्ययोजना पर मंथन किया। चैनल निर्माण के लिए एनएचपीसी ने तीन लाख से अधिक खनिज सामग्री की डिमांड की है, जिसकी पूर्ति के लिए खनन विभाग को अभी से तैयारी करने के निर्देश दिए गए।
बैराज कंट्रोल रूम के सभागार में हुई बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि 1.2 किमी लंबी चैनल (नहर) निर्माण के लिए करीब 12 हेक्टेयर वन भूमि एनएचपीसी को हस्तांतरण करने की कार्रवाई चल रही है। इसकी जद में करीब 1643 पेड़ आ रहे हैं, जिसके बदले चंपावत वन प्रभाग द्वारा चार गुना प्लांटेशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूजर एजेंसी एनएचपीसी को चैनल का निर्माण नवंबर में शुरू कर 18 माह में पूरा करना है।
इसके लिए एनएचपीसी ने करीब तीन लाख घनमीटर से अधिक खनिज सामग्री की मांग की है, जो खनन विभाग द्वारा शारदा से उपलब्ध कराई जाएगी। एनएचपीसी ने समय की अवधि को देखते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार से मशीनों से खनन की अनुमति मांगी है। बैठक में भू-वैैैज्ञानिक एवं खनिकर्म इकाई के उप निदेशक लेखराज, एनएचपीसी के मुख्य अभियंता अमिताभ झा, प्रबंधक सिविल गुलाब चौरसिया, प्रबंधक पीके पांडेय, प्रबंधक पर्यावरण मनोज कुशवाह, प्रबंधक सिविल बीसी जायसवाल, वन निगम के खनन प्रभारी हरीश पाल, शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह रजवार, डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत आदि थे।