बनबसा (चंपावत)।
शारदा बैराज पुुलिस ने नेपाल से संदिग्धावस्था में भारत आ रहे एक किशोर, दो किशोरियों और एक युवती को पकड़कर नेपाल पुलिस की मौजूदगी में नेपाली संस्था के सुपुर्द कर दिया। संस्था उन्हें उनके परिजनों को सौंपेगी। यह सभी घर से नाराज होकर रिश्तेदारी में शिमला (हिमाचल प्रदेश) जा रहे थे।
एसपी धीरेंद्र सिंह गुंज्याल के निर्देश पर इन दिनों पुलिस और एंटीह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) कर्मी ऑपरेशन स्माइल के तहत किशोरों और मानव तस्करी पर नजर रखे हैं। शुक्रवार को शारदा बैराज चौकी प्रभारी एसआई सुरेंद्र सिंह खड़ायत के नेतृत्व में एचसी आईडी शर्मा, कांस्टेबल गोपाल सिंह, जीवन चंद, दिनेश जोशी, तनवीर आलम, भावना उप्रेती, कमला और एएचटीयू कर्मी गणेश बिष्ट बार्डर क्षेत्र पर निगरानी कर रहे थे।
इसी बीच नेपाल की ओर से एक युवती एक किशोर और दो किशोरियों के साथ भारत की ओर आती दिखी। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह सभी नेपाल के कैलाली जिले के रहने वाले हैं और घर से नाराज होकर हिमाचल प्रदेश के शिमला में काम करने वाले अपने रिश्तेदारों के पास जा रहे थे। बैराज चौकी प्रभारी ने बताया कि किशोर की आयु सात वर्ष, एक किशोरी की 16 और दूसरी की 17 वर्ष की हैं। किसी तरह की अनहोनी से बचने को उक्त तीनों को उनके साथ की युवती के साथ नेपाल पुलिस के जवान मोहन पंत और महिला कांस्टेबल कौशिका पंत की मौजूदगी में नेपाली संस्था थ्री एंजिल की पुष्पा बीका के सुपुर्द कर दिया गया। संस्था उक्त चारों को उनके परिजनों के सपुर्द करेंगी। बता दें कि इन दिनों नेपाल से किशोरों के घर से भागकर आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई मानव तस्कर भी उन्हें काम दिलाने का झांसा देकर भारत ला रहे हैं।