टनकपुर (चंपावत)। निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर सोमवार शाम दरकी पहाड़ी के मलबे में दबे पेटी ठेकेदार परमानंद जोशी का शव देर रात तक निकाला जा सका। इस बीच मृत ठेकेदार के परिजन एवं रिश्तेदार भी यहां पहुंच गए थे। मंगलवार को संयुक्त चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
सोमवार शाम करीब चार बजे निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी मार्ग पर अंग्रेज नामक चट्टान को काटते वक्त पहाड़ी के दरकने से वहां मौजूद कार्यदायी ठेकेदार कंपनी के पेटी ठेकेदार चंद्रभागा ऐंचोली पिथौरागढ़ निवासी परमानंद जोशी (54) मलबे में दब गए थे, जबकि पहाड़ काट रही पोकलैंड और जेसीबी के चालकों ने कूद कर जान बचाई।
कूदने में पोकलैंड का अल्मोड़ा निवासी ऑपरेटर लक्ष्मण सिंह मामूली रूप से घायल हुआ था। हादसे के बाद पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व एवं एसएसबी की टीम ने ऑपरेशन रेस्क्यू शुरू किया। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि रात करीब साढ़े 11 बजे मलबे से ठेकेदार का शव निकाला जा सका। इस बीच मृतक का बड़ा पुत्र निर्मल जोशी, साला पूरन चंद्र भट्ट एवं रिश्तेदार देवकीनंद भट्ट भी देर रात टनकपुर पहुंच गए थे। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उनके सुपुर्द कर दिया गया।
परिजनों को नहीं हुआ मौत पर यकीन
ठेकेदार परमानंद जोशी के यहां पहुंचे पुत्र एवं रिश्तेदारों को उनकी मौत पर यकीन नहीं हुआ। मलबे से निकालने के बाद जिंदा होने की उम्मीद में वे इलाज के लिए परमानंद को खटीमा ले गए, लेकिन उन्हें निराशा मिली और उन्हें परमानंद का शव लेकर टनकपुर लौटना पड़ा।