लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट तहसील राजस्व उप निरीक्षकों की भारी कमी से जूझ रही है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबा क्षेत्र होने से राजस्व उपनिरीक्षकों के सामने भी समय से कार्य करना चुनौती बना हुआ है।
विकासखंड की करीब 79 ग्राम पंचायतें राजस्व विभाग के अंतर्गत आती हैं। जहां शांति, सुरक्षा व्यवस्था के अलावा विभिन्न प्रमाणपत्र बनाने, भूमि संबंधी सभी कार्य राजस्व उप निरीक्षकों के जिम्मे हैं। तहसील अंतर्गत 10 पटवारी क्षेत्र हैं, जिसमें से छह पटवारी क्षेत्र में लंबे समय से राजस्व उपनिरीक्षकों रिक्त चल रहे हैं। तहसील में राजस्व उपनिरीक्षकों का टोटा होने से एक राजस्व निरीक्षक के पास दो या इससे अधिक पटवारी क्षेत्र की जिम्मा सौंपा हुआ है।
तहसील कार्यरत राजस्व उप निरीक्षक केएस धौनी के पास दयारतोली, वल्सों, मऊ, दीपक साही के पास बाराकोट, बिसराड़ी, बर्दाखान, ईश्वर राम के पास गल्लागांव, ईजड़ा, रैघांव और एनडी पुरोहित के पास बापरू पटवारी क्षेत्र की जिम्मेदारी है। बाराकोट विकास खंड में 79 गांव राजस्व पुलिस के अधीन आते हैं, जबकि 24 गांव रेगुलर पुलिस में शामिल हैं।
उप निरीक्षकों को दिया गया है अतिरिक्त चार्ज
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट तहसील में राजस्व क्षेत्र ईजड़ा, रैघांव, बिसराडी, बर्दाखान, वल्सों, मऊ में राजस्व उप निरीक्षकों के पद सृजित हैं। लेकिन राजस्व उप निरीक्षकों की कमी के चलते इनका अतिरिक्त कार्यभार यहां तैनात चार राजस्व उप निरीक्षकों को सौंपा गया है। जो अपने राजस्व क्षेत्र के अलावा इनका कार्य देख रहे हैं।
रिक्त पड़े हैं तहसीलदार, नायब तहसीलदार के पद
लोहाघाट। 2014 में बाराकोट उप तहसील को उच्चीकृत कर तहसील का दर्जा दिया गया था। तहसील बने तीन साल हो गए हैं अभी तक यहां उपजिलाधिकारी पद सृजित ही नहीं हो पाया है। तहसील में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पद रिक्त पड़े हुए हैं। इन पदों पर प्रभारी अधिकारियों द्वारा कार्य किया जा रहा है। यहां के तहसीलदार का प्रभार 12 किमी दूर लोहाघाट तहसील की तहसीलदार नीलू चावला को सौंपा गया है।
कोट
बाराकोट तहसील में राजस्व उप निरीक्षकों की कमी से हो रही दिक्कतों को देखते हुए इनके रिक्त पदों पद तैनाती करने, तहसील में तहसीलदार और नायब तहसीलदार की तैनाती करने के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
आरसी गौतम, उप जिलाधिकारी, लोहाघाट