चंपावत। चंपावत जिले के कई आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) पर खतरे की तलवार लटक रही है। इन संस्थानों में न केवल पढ़ने और पढ़ाने वाले कम हैं, बल्कि आधारभूत ढांचा भी नहीं है। वैसे भी इन संस्थानों में काफी समय से प्रवेश भी बंद हैं।
चंपावत जिले में कुल नौ आईटीआई हैं। इनमें से सिर्फ तीन (टनकपुर, चंपावत व खेतीखान) एनसीवीटी (नेशनल कौंसिल ऑन वोकेशनल ट्रेनिंग) श्रेणी के हैं। इन तीन संस्थाओं के पास भवन सहित मजबूत बुनियादी ढांचा है। जबकि शेष छह संस्थान एससीवीटी श्रेणी के हैं। इन्हीं छह आईटीआई (तल्लादेश, बाराकोट, दिगालीचौड़, भिंगराड़ा, बनबसा और रेगड़ू) में संभवत: जल्द ही ताले लटक सकते हैं। फिलहाल बंद चल रहे इन संस्थानों में काफी समय से दाखिले नहीं होने से यहां के स्टाफ को दूसरी जगह संबद्ध किया जा चुका है। साथ ही इन बंद किए जा चुके संस्थानों का उपयोग कौशल विकास की योजनाओं के प्रशिक्षण किया जा सकता है। ग्रामीण शेर सिंह महर, पूजा महरा सहित यहां के प्रतिनिधियों का कहना है कि तल्लादेश के आईटीआई से उम्मीद तो थी कि क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षण के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मगर खराब हालात के चलते उनकी ये आस भी टूट गई है। पढ़ाने वालों की कमी के चलते छात्र यहां प्रवेश लेने से कन्नी काट रहे हैं।
- बंद आईटीआई में फिर से प्रवेश के दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। वहीं कम संख्या वाले आईटीआई के विलय का अभी अंतिम तौर पर निर्णय नहीं लिया गया है। उच्च स्तर पर इसे लेकर चर्चा हो रही है। बंद होने वाले आईटीआई कर्मियों को दूसरी जगह संबद्ध किया जा सकता है और इन भवनों का उपयोग कौशल विकास की योजनाओं के संचालन के लिए किया जा सकता है। - आरएस मर्तोलिया, उप निदेशक, हल्द्वानी।
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पॉलीटेक्निक बंद होने से नाराज युवाओं ने सरकार का पुतला फूंका
चंपावत। जिला मुख्यालय में राजकीय पॉलीटेक्निक के बंद होने की सुगबुगाहट से नाराज छात्रों और युवाओं ने एनएसयूआई के विनोद बड़ेला और छात्र संघ अध्यक्ष रोहित कार्की के नेतृत्व में राज्य सरकार का पुतला दहन किया। युवाओं का कहना था कि बीते रोज उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से चंपावत के पॉलीटेक्निक के बंद होने की सूचना मिली है। उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। यदि सरकार की ओर से जल्द इस निर्णय को नहीं बदला गया तो छात्र-छात्राएं उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने और पुतला दहन करने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नानू बोहरा, अभिषेक गंगोला, मनीष महर, बसंत जोशी, अमन टम्टा, अंकित खर्कवाल, अमित चौधरी आदि शामिल रहे। संवाद