चंपावत से 53 किमी दूर बाराकोट विकासखंड के सील-बरयूड़ी गांव के दिव्यांग शेर सिंह सामंत सोमवार को दिनभर भटकते रहे लेकिन एक अदद दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं पा सके। काफी देर बाद उन्हें पता चला कि सोमवार को दिव्यांग शिविर का आयोजन नहीं होगा। घंटों की मशक्कत के बाद मायूस सामंत थकहार कर लौट गए।
हर महीने के पहले सोमवार को दिव्यांग शिविर लगाया जाता है। पांच डॉक्टरों के पैनल वाले इस शिविर में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाते हैं। सोमवार को हमेशा की तरह अलग-अलग जगह से कई लोग शिविर के लिए चंपावत आए थे लेकिन शिविर नहीं लगने से लोग मायूस लौटे। छड़ी के सहारे घिसट-घिसट कर चलने वाले शेर सिंह सामंत को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।
वे चंपावत से पैदल ही चार किमी दूर मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय भी पहुंचे लेकिन वहां उन्हें शिविर के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। काफी देर बाद उन्हें शिविर नहीं लगने की जानकारी मिली। पूरा दिन बर्बाद करने के साथ 300 रुपये किराये में खर्च कर वह मायूस लौटे। उनका कहना था कि शिविर नहीं लगने की विभाग द्वारा समय रहते जानकारी दी जानी चाहिए।
इधर सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि चुनाव आचार संहिता के चलते अप्रैल और मई का दिव्यांग शिविर नहीं लगा है। अब दिव्यांग शिविर जून के पहले सोमवार (तीन जून) को लगेगा।