पिथौरागढ़/चंपावत। कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री राजीव रौतेला ने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विकसित किए जा रहे टूरिस्ट डेस्टिनेशन का कार्य तीन दिन के भीतर शुरू करने के निर्देश दिए। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर उन्होंने राज्य के प्रत्येक जिले में एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित करने की बात कही। इसके लिए जिले में मोस्टामानू को चुना गया है।
आयुक्त ने कहा कि टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने डीएम को पर्यटन विभाग के कंसलटेंट और संबंधित विभागों के साथ क्षेत्र की योजनाबद्ध तरीके से मैपिंग कराते हुए कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को अधिक सुदृढ़ करने के साथ ही जिले के सभी पर्यटन क्षेत्रों को चिह्नित कर पर्यटन सर्किट बनाने को कहा। कहा कि मुनस्यारी, धारचूला और अन्य क्षेत्रों में होम स्टे के कार्य को अधिक बढ़ावा देने के लिए स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। डीएम पिथौरागढ़ सी रविशंकर ने बताया कि मोस्टामानू क्षेत्र को पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। मोस्टामानू और चंडिका मंदिर क्षेत्र के पर्यटन विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। गंगोलीहाट क्षेत्र को गुफा सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
रौतेला ने डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्रमोशन कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए हैं। चंपावत के डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि जिला मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थिति चाय बागान को देखते हुए गौडी रोड के किनारे, खाली पड़ी भूमि पर पांच हेक्टेयर क्षेत्र में चाय बागान विकसित करने की कवायद पूर्ण कर ली गई है। पर्यटन सर्किट बढ़ाने के लिए शिलिंगटॉक, चाय बागान से मियांवाकी जंगल, बालेश्वर मंदिर समूह, राजबुंगा किला, एकहथिया नौला, चंडालकोट होते हुए मायावती, खेतीखान तक सर्किट प्रस्तावित किया जा रहा है।