चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए पुनर्गठन, परिसीमन का शासनादेश कर दिया गया है। पहाड़ी क्षेत्र में ग्राम पंचायत के गठन के लिए न्यूनतम 500, मैदानी क्षेत्र में एक हजार की आबादी को आधार बनाया गया है। डीएम एसएन पांडेय ने बताया कि अधिक आबादी वाले राजस्व गांव-तोक के आधार पर ग्राम पंचायत का नाम रखा जाएगा। पंचायतों का पुनर्गठन 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। जिले में कुल 313 ग्राम पंचायतें हैं।
ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन करने से पहले राजस्व गांवों की सूची एकत्र की जाएगी। तीन अक्तूबर से पांच अक्तूबर तक पुनर्गठन प्रस्तावों का परीक्षण, सूची तैयार करना, छह को अनंतिम प्रकाशन, आठ से 10 तक आपत्तियां आमंत्रित करना, 11 व 12 को आपत्तियों का निस्तारण, 15 अक्तूबर को अंतिम प्रस्तावों का प्रकाशन निदेशालय को भेजा जाएगा। 16 से 22 अक्तूबर तक ग्राम पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का प्रस्ताव तैयार करना, 23 को सूची का अनंतिम प्रकाशन, 25 व 26 को आपत्तियां आमंत्रित होगी। 27 से 29 तक आपत्तियों का निस्तारण, 30 अक्तूबर को परिसीमन प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन, 31 अक्तूबर को निर्वाचन क्षेत्रों की सूचियां निदेशालय को उपलब्ध कराई जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण पुनर्गठन, परिसीमन को गठित समिति करेगी।