चंपावत। आपात सेवा 108 को अब डीजल की कमी फिर ठप हो गई है। छह माह में छह बार यह सेवा चरमराई है।
108 सेवा के वाहनों के लिए पिछले महीने नए टायर भेजे गए थे। छह महीने में डीजल की कमी, तकनीकी खामी या दूसरी वजह से छह बार यह आपात सेवा चरमराई है। अभी 21 सितंबर को ही एक मरीज को यह वाहन नहीं मिल सका, और जद्दोजहद के बाद खुशियों की सवारी से भेजा जा सका।
108 सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल ने सोमवार तक हालात सामान्य कर लेने का दावा किया है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि 108 सेवा का स्वास्थ्य महानिदेशालय से सितंबर के पहले सप्ताह करार खत्म हो गया है। शासन से छह माह के लिए नवीनीकरण किया गया है। अब तेल सहित तमाम मदों पर होने वाला बजट शासन से ही मिलेगा।
सीएमएस ने महानिदेशक को पत्र भेजा
चंपावत की 108 सेवा के गड़बड़ाने का सबसे बुरा असर जिला अस्पताल से रेफर होने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। इन हालातों के चलते मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी ने स्वास्थ्य महानिदेशालय सहित तमाम आला अफसरों को पत्र भेज वक्त पर 108 सेवा के उपलब्ध होने में आ रही अड़चन को दूर करने के लिए मार्गदर्शन देने का आग्रह किया है। कहा कि अस्पताल की एंबुलेंस से मरीज को भेजने पर नियम के मुताबिक उस पर आने वाला खर्च मरीज को उठाना पड़ता है।