टनकपुर (चंपावत)। बाघ की दहाड़ से जंगल से लगा आमबाग गांव बुधवार रात थर्राता रहा, लेकिन सूचना के बाद भी न तो वन विभाग की टीम पहुंची और न ही पुलिस। ग्रामीणों ने पूरी रात दहशत में काटी। ग्रामीणों ने वन्य जीवों के खतरे से निजात दिलाने को जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
बुधवार रात करीब नौ बजे आमबाग में भूमिया मंदिर के पास बाघ की अचानक दहाड़ सुनकर लोग दहशत में आ गए। आसपास घरों के लोगों ने शोर मचाने के साथ ही वन विभाग एवं पुलिस को सूचना दी, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
ग्रामीण जगदीश चंद, जीवन जोशी, विक्रम चंद, राजीव जोशी, ललित कलौनी, शेर चंद आदि ने बताया कि आमबाग सड़क के किनारे घनी आबादी के बीच स्थिति भूमिया मंदिर के पास बाघ की दहाड़ सुनाई देने से रात भर दहशत में बिताई। बाघ को भगाने के लिए उन्होंने शोर भी मचाया, लेकिन बाघ काफी देर तक दहाड़ता रहा। सुबह जब उन्होंने मंदिर के पास देखा तो जगदीश चंद और शेर चंद के खेतों में बाघ के पंजे के निशान दिखाई पड़े।
बुंगा गांव में तेेंदुए ने छह बकरियों को निवाला बनाया
पिथौरागढ़। जिले के बुंगा गांव में तेंदुए का आतंक बना है। यह तेेंदुआ तीन दिनों में दीवान सिंह की तीन बकरियां, भूपेंद्र सिंह की एक और दीवान सिंह पुत्र जय सिंह दो बकरियों को निवाला बना चुका है।
तेेंदुए के आबादी के आसपास लगातार दिखाई देने से ग्रामीण भयभीत हैं। कुछ माह पहले तेंदुए ने ग्रामीण प्रह्लाद सिंह पर भी हमला कर दिया था। एक बार फिर तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।