टनकपुर (चंपावत)। पालतू सुअरों और लावारिस जानवर शहर से सटे नायकगोठ गांव में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचीं गांव की महिलाओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इन जानवरों का खेतों में प्रवेश रोकने को कारगर कदम उठाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान रेनू देवी के नेतृत्व में तहसील पहुंची महिलाओं का कहना है कि जब से लोनिवि ने हनुमानगढ़ी से पूर्णागिरि विहार तक सीसी मार्ग का निर्माण कराया है, इसके बाद से गांव में शहर के पालतू सुअरों एवं लावारिस जानवरों की आवक बढ़ गई है। जो रात के वक्त खेतों में घुसकर उनकी फसलों को तबाह कर रहे हैं।
उनका कहना है कि सीसी रोड निर्माण के साथ ही गांव की तरफ दीवार का निर्माण भी कराया जाना था। एसडीएम ने समस्या का जल्द समाधान कराने का भरोसा दिलाया। ज्ञापन देने वालों में सरोज देवी, मनु, कौशल्या देवी, ऊषा देवी, पार्वती देवी, गंगा आदि महिलाएं शामिल थीं।
जंगली जानवरों से प्रगतिशील किसान परेशान
पिथौरागढ़। मोस्टामानू और छेड़ा क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक बना है। जंगली जानवर फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से प्रगतिशील किसान परेशान हैं। मोस्टामानू निवासी प्रगतिशील किसान एवं उद्यान पंडित पुरस्कार से सम्मानित इकबाल अहमद ने बताया कि मोस्टामानू, छेड़ा, गोरंग, स्यांला, ढुंगा, चंडाक आदि गांवों में सुअर, सेही, बंदर, लंगूर, खरगोश फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों ने काकू की फसल को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है।
सुअर गडेरी को भी खोद कर खा जा रहे हैं। लंगूरों के झुंड ने उनके बगीचे में तैयार पांच क्विंटल से अधिक की नाशपाती बर्बाद कर दी। जंगली जानवरों के आतंक के कारण अधिकतर ग्रामीण खेतीबाड़ी छोड़ चुके हैं। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जंगली जानवरों द्वारा पहुंचाई जा रही क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।