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जिला अस्पताल में ईसीजी के परीक्षण को डॉक्टर नहीं

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चंपावत। जिला अस्पताल (डीएच) में विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी कई मशीनों को निरुपयोगी बना रही है। केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, जिले के किसी भी अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट से लेकर फिजीशियन तक नहीं होने से यहां ईसीजी परीक्षण तक के लिए मुश्किलें आ रही है। कभी-कभी जरूर कुछ अन्य डॉक्टर ईसीजी के जरिए परीक्षण करते हैं। केवल चंपावत ही नहीं लोहाघाट व टनकपुर अस्पताल में भी ईसीजी के परीक्षण की सुविधा नहीं है।

लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में ईसीजी के लिए परेशानी के साथ ही मोटी रकम भी खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में ही हर साल 7 हजार से अधिक लोग मोटी रकम खर्च कर निजी स्वास्थ्य केंद्रों में ईसीजी परीक्षण कराने को विवश हैं।
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इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (ईसीजी) हृदयरोग की सबसे शुरुआती परीक्षणों में है। इससे हृदयरोग की आहट का पता चलाता है। 2012 से शुरू हुए जिला अस्पताल के शुरुआती एक वर्ष में यहां कार्डियोलॉजिस्ट जरूर तैनात रहे। इसके बाद वर्ष 2013 से यहां कार्डियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। यहां इस साल जुलाई में नियुक्त हुए फिजीशियन डॉ.एमके सैनी का करीब डेढ़ माह बाद यहां से ऋषिकेश तबादला कर दिया गया था। हालांकि उन्हें अभी यहां से कार्यमुक्त नहीं किया गया है। अलबत्ता डॉ.सैनी बीते एक माह से अधिक वक्त से चिकित्सावकाश पर है। अस्पताल में फिजीशियन और कार्डियोलॉजिस्ट में से किसी के नहीं होने से हृदय संबंधी रोग का मामूली परीक्षण में भी अड़चनें आ रही है। जबकि पहाड़ में हृदय संबंधी रोगियों में की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

कोट
जिला अस्पताल में थ्री-चैनल ईसीजी मशीन है। ईसीजी मशीन से दिल की मांसपेशियों की स्थिति, खून की आपूर्ति, दिल का सिकुड़ना-खुलना और वाल्व की स्थिति का पता लगाया जाता है। लेकिन विशेषज्ञ नहीं होने से परेशानी आती है। अलबत्ता ईसीजी के जरिए दूसरे डॉक्टरों, फार्मेसिस्ट व स्टाफ नर्स के जरिए भी प्रयास किया जाता है।
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डॉ.आरके जोशी मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।

दो दिन बंद रहेगी ओपीडी
दीवाली पर्व को लेकर चंपावत जिला अस्पताल दो दिन बंद रहेगा। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा.आरके जोशी ने बताया कि 19 और 20 अक्तूबर को वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) बंद रहेगी। इस दौरान केवल आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी। जबकि 21 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से 11 बजे तक ही ओपीडी खुली रहेगी।
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