चंपावत। अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण रणवीर सिंह ने राज्य के जिलाधिकारियों सभी होटलों, धर्मशालाओं आदि का विवरण छह नवंबर तक शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होटलों, धर्मशालाओं आदि की कचरा निस्तारण और सीवर ट्रीटमेंट की व्यवस्था का आकलन करने के लिए सर्वे करने को कहा है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्यों को जिलों का भ्रमण कर होटलों, धर्मशालाओं, आश्रमों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
वन एवं पर्यावरण सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी ने जिलाधिकारियों से कहा कि जो होटल, धर्मशालाएं, आश्रम पर्यटन विभाग में पंजीकृत नहीं हैं उनका भी सर्वे कर रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि जिले में पर्यटन विभाग में 80 होटल, एक धर्मशाला तथा एक आश्रम पंजीकृत है।
जिले में केवल दो पंजीकृत होटलों में 20 से अधिक कमरे स्थापित हैं और अपंजीकृत होटलों के पंजीकरण के लिए पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रभागीय वनाधिकारी कुबेर सिंह बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट आदि उपस्थित रही।