चंपावत। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों को सड़क निर्माण मामलों में वन अधिनियम की अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने जिले स्तर पर वन भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रकरणों की सूची 15 दिन के भीतर शासन को भेजने को कहा है।
कहा कार्य समय पर पूर्ण हों, कार्यों की लागत में वृद्धि न हो। सरकार वर्ष 2018 को रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है, इसलिए सभी अधिकारी ऐसी योजना तैयार करें जिससे उसमें रोजगार पैदा होने के साथ ही आमजन को उनका लाभ भी मिल सके। मुख्यमंत्री ने पानी की समस्या को देखते हुए ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जलाशयों का निर्माण करना छोटे-छोटे वर्षा आधारित नालों, गधेरों के आसपास भी जलाशय बनाने को कहा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से 13 जिलों में 13 नए पर्यटन स्थल विकसित करने के तहत प्रत्येक जिले को एक-एक करोड़ की राशि स्वीकृत की है। उसमें से 50 लाख की स्वीकृति शासन स्तर से भेजी जा रही है। उन्होंने कहा 50 लाख से भूमि, पार्क, साइड डेवलपमेंट, सीढ़ी, रैलिंग आदि कार्य किये जाने हैं। उन्होंने होम स्टे योजना का व्यापक प्रचार करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, सीडीओ एसएस बिष्ट, डीएफओ केएस बिष्ट सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।