चंपावत। जिला प्लान की समीक्षा बैठक में डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने अधिकारियों से योजना के अंतर्गत कम लागत की ही योजनाओं को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ताकि प्रस्तावित योजना के लिए समय से एकमुश्त धनराशि उपलब्ध हो सके। योजना के अंतर्गत अति आवश्यकीय और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दें। संबंधित योजना के निर्माण के लिए जमीन उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद ही उसे प्रस्तावित करें।
शनिवार को जिला सभागार में हुई इस बैठक में डीएम ने कहा कि जिन विभागों की पूर्व से ही करोड़ों की धनराशि की देनदारी शेष है, वह नए कार्यों को प्रस्तावित न करें। उन्होंने अधूरे पड़े कार्यों को संजीदगी से प्राथमिकता प्रदान करने को कहा। बैठक में पर्यटन विभाग को एबटमाउंट और हिंगला देवी ट्रैक को जिला प्लान में प्राथमिकता में रखने को कहा। इस मौके पर अधिकारियों को डाटा डायरी तैयार कर उसकी प्रति जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने, होमस्टे योजना से जिले को आच्छादित करने के के लिए निर्देशित किया गया।
इसके अलावा सीडीओ को आठ जून को कार्यशाला कराने को कहा गया। बैठक में पीडी एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी, सीएमओ डॉ.एमएस बोरा, सीवीओ डॉ.बीएस जंगपांगी, सीईओ आरसी पुरोहित, वनाधिकारी केएस बिष्ट, संख्याधिकारी एनबी बचखेती सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री करेंगी जिला प्लान के परिव्यय का अनुमोदन
चंपावत। बैठक में सीडीओ एसएस बिष्ट ने बताया कि 2018-19 के लिए जिला योजना का परिव्यय 32.10 करोड़ रखा गया है। चार जून को होने वाली बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या जिला योजना का अनुमोदन करेंगी। उन्होंने बताया कि अंतिम रूप से कृषि ने 43 लाख, उद्यान ने 75, भेषज ने 6.30, पशुपालन ने 90, दुग्ध ने 70, मत्स्य ने सात, वन विभाग ने 80.44, सहकारिता ने 31.54, ग्राम्य विकास ने 69, लघु सिंचाई ने 62.95, सिंचाई ने 120, नलकूप लघुडाल ने 170, उरेडा ने 35, उद्योग ने आठ, खादी ने 11 लाख की योजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, क्रीड़ा, युवा कल्याण, पर्यटन, जल संस्थान, लोनिवि, जल निगम, सूचना सहित अन्य विभागों ने भी प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं।