चंपावत। चंपावत विकासखंड के बजौन गांव के नौनिहाल जीर्णशीर्ण भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। बच्चोें की जान पर हर समय खतरा मंडरा रहा है। नए भवन की कई बार मांग करने के बावजूद प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब अगर एक महीने के अंदर भवन की स्वीकृति नहीं मिली तो आंदोलन किया जाएगा।
सन 1959 में बने राजकीय प्राथमिक विद्यालय बजौन का भवन जगह-जगह से टूट रहा है। जान पर खतरा होने के उर से स्कूल के 74 छात्र-छात्राएं बाहर खुले में पढ़ने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चाें को स्कूल भेजने में असुरक्षा का अंदेशा लगा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में कक्षाएं संचालित होने से बरसात, तेज धूप में पढ़ाई नहीं हो पाती है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष घनश्याम भट्ट, जोगादत्त भट्ट सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि नए भवन के लिए कई बार मांग की लेकिन प्रशासन शायद किसी हादसे का इंतजार कर रहा है।
बजौन राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नए भवन के लिए स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा प्रस्ताव मिलने पर सर्वे करा जरूरी कार्यवाही की जाएगी। नए भवन को सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।
- अंशुल बिष्ट, खंड शिक्षाधिकारी, चंपावत।