चंपावत। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) में कार्यरत भरत सिंह को अपनी बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाना था। इसके लिए वे इस सप्ताह चार बार चक्कर काट चुके हैं। मगर खाता नहीं खुल पा रहा है। इसी तरह कई लोग डाकघर में सावधि जमा (आरडी) सहित विभिन्न योजनाओं में जमा करने के लिए जा रहे, मगर बैरंग लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
जिले के डाकघरों में धन जमा और निकासी नहीं होने की बड़ी वजह संचार नेटवर्किंग में खामी का आना है। इसके चलते जिले के पर्वतीय क्षेत्रों के विभिन्न डाकघरों में करीब तीन करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ चुका है।
चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट सहित जिले के पर्वतीय हिस्से के तमाम डाकघर कार्यालयों में सोमवार से खातों में जमा होने और निकासी में भारी परेशानी आ रही है। इस वजह से ज्यादातर खातों का इस अवधि में परिचालन नहीं हो सका। संचार नेटवर्किंग के गड़बड़ाने से लोग डाकघर जाकर मायूस लौट रहे हैं।
चंपावत के पोस्ट मास्टर जगदीश चंद्र पांडेय का कहना है कि नेटवर्किंग की परेशानी से जबर्दस्त दिक्कत हो रही है। अकेले चंपावत में ही इन चार दिनों में करीब 92 लाख रुपये की जमा व निकासी प्रभावित हुई है। वहीं जिले के अन्य पर्वतीय हिस्से को मिलाकर अब तक कुल तीन करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर मार पड़ी है। साथ ही लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डाकघरों के अधिकारियों का कहना है कि कमजोर नेटवर्किंग से डाकघरों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कोट
हल्द्वानी में मल्टी प्रोटोकाल लेबल स्विचिंग (एमपीएलएस) रूट में लीड लाइन में खामी के चलते नेटवर्किंग में परेशानी आ रही है। विभाग इस गड़बड़ी को दूर करा रहा है। अगले दो दिनों में नैटवर्किंग ठीक होने की संभावना है।
मनीष पंत, उप खंड अभियंता, बीएसएनएल, लोहाघाट।