लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे आदर्श प्राथमिक विद्यालय मानाढुंगा में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्कूल के समीप बने हैंडपंप के खराब होने से एक किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। भोजन माताओं ने पानी की व्यवस्था न करने पर मध्याह्न भोजन न बनाने की चेतावनी दी है। मानाढुंगा स्कूल में 48 बच्चे अध्ययनरत हैं, जबकि इसी परिसर में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र में 18 बच्चे हैं।
वर्ष 2015 में स्कूल को आदर्श विद्यालय का दर्जा दिया गया। पेयजल की कोई व्यवस्था न होने के कारण छात्र-छात्राओं और भोजन माताओं को मध्याह्न भोजन बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्षा चंचला देवी का कहना है कि स्कूल के समीप बने हैंडपंप के खराब होने के कारण एक किमी दूर से पानी ढोना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था के लिए कई बार विभागीय और जल संस्थान के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है, लेकिन इस ओर सभी ने पीठ की हुई है। कहा कि लंबी दूरी से पानी ढोकर मध्याह्न भोजन बनाने वाली भोजन माताओं ने विद्यालय परिसर में पेयजल व्यवस्था न करने पर मध्याह्न भोजन न बनाने की चेतावनी दी है। उन्होंने खराब पड़े हैंडपंप को ठीक करवाने की मांग की है। इस संबंध में जल संस्थान के अवर अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि स्कूल के समीप खराब पड़े हैंडपंप को ठीक कराया जा रहा है।